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पेट्रोल-डीजल के दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ी
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भाकियू मंडल महासचिव राजू अहलावत।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
पेट्रोल-डीजल के दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ी
मुजफ्फरनगर। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। नौकरी पेशा से लेकर किसान तक के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। बाजार में डीजल के दाम 71 रुपये 96 पैसे और पेट्रोल के दाम 80 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर पहुंच गए हैं। किसान का समस्त काम डीजल पर ही आधारित है। किसान की फसलों की लागत अब सीधे बढ़ जाएगी।
भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह का कहना है कि डीजल और पेट्रोल के धीरे-धीरे दाम इतने ज्यादा बढ़ा दिए हैं कि आम आदमी को पता ही नहीं लगा कि कब इतनी अधिक बढ़ोत्तरी हो गई। किसान का समस्त कार्य डीजल से जुड़ा है, उसकी लागत इतनी बढ़ जाएगी कि वह जीते जी मर जाएगा। मिलों से गन्ना भुगतान मिल नहीं रहा है। दूध की बिक्री नहीं हो पा रही है। अन्य फसलों की हालत खस्ता है। सरकार को इस ओर तुरंत सोचना चाहिए।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि कोरोना ने किसान की कमर पहले ही तोड़ रखी है। गन्ना भुगतान और अपनी फसलों के दामों को लेकर किसान पहले से ही परेशान हैं। तीन साल से गन्ने के मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई है। डीजल का सीधा असर किसान पर पड़ता है। इससे अब किसान की ही कमर टूटेगी। किसान की फसलों पर लागत लगातर बढ़ती जा रही है और आमदनी बढ़ नहीं रही है।
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डीजल के दाम के साथ बढ़ता है ट्रांसपोर्ट का खर्च
मुजफ्फरनगर। ट्रांसपोर्टर राहुल कहते हैं कि ट्रांसपोर्ट का सीधा संबंध में डीजल से है। डीजल के दाम बढ़ते ही माल लाने- लेजाने का खर्च अपने आप बढ़ जाता है। इसका सीधा असर आम आदमी पर ही पड़ेगा, हालांकि अभी माल भी कम आ रहा है।
दाम बढ़ने से बिक्री प्रभावित होगी
मुजफ्फरनगर। जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश दास का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से बिक्री पहले से ही काफी कम है। आम आदमी जो प्राइवेट नौकरी या अपने निजी काम के लिए अपने पास दुपहिया वाहन रखता है, उसके सामने अधिक परेशानी खड़ी हो रही है। किसान का सीधे खर्च बढ़ गया है। लगातार दाम बढ़ जाने से बिक्री पर प्रभाव पड़ेगा। सरकार को इस पर सोचना ही पड़ेगा।
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मुजफ्फरनगर। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। नौकरी पेशा से लेकर किसान तक के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। बाजार में डीजल के दाम 71 रुपये 96 पैसे और पेट्रोल के दाम 80 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर पहुंच गए हैं। किसान का समस्त काम डीजल पर ही आधारित है। किसान की फसलों की लागत अब सीधे बढ़ जाएगी।
भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह का कहना है कि डीजल और पेट्रोल के धीरे-धीरे दाम इतने ज्यादा बढ़ा दिए हैं कि आम आदमी को पता ही नहीं लगा कि कब इतनी अधिक बढ़ोत्तरी हो गई। किसान का समस्त कार्य डीजल से जुड़ा है, उसकी लागत इतनी बढ़ जाएगी कि वह जीते जी मर जाएगा। मिलों से गन्ना भुगतान मिल नहीं रहा है। दूध की बिक्री नहीं हो पा रही है। अन्य फसलों की हालत खस्ता है। सरकार को इस ओर तुरंत सोचना चाहिए।
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भाकियू के मंडल अध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि कोरोना ने किसान की कमर पहले ही तोड़ रखी है। गन्ना भुगतान और अपनी फसलों के दामों को लेकर किसान पहले से ही परेशान हैं। तीन साल से गन्ने के मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई है। डीजल का सीधा असर किसान पर पड़ता है। इससे अब किसान की ही कमर टूटेगी। किसान की फसलों पर लागत लगातर बढ़ती जा रही है और आमदनी बढ़ नहीं रही है।
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डीजल के दाम के साथ बढ़ता है ट्रांसपोर्ट का खर्च
मुजफ्फरनगर। ट्रांसपोर्टर राहुल कहते हैं कि ट्रांसपोर्ट का सीधा संबंध में डीजल से है। डीजल के दाम बढ़ते ही माल लाने- लेजाने का खर्च अपने आप बढ़ जाता है। इसका सीधा असर आम आदमी पर ही पड़ेगा, हालांकि अभी माल भी कम आ रहा है।
दाम बढ़ने से बिक्री प्रभावित होगी
मुजफ्फरनगर। जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश दास का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से बिक्री पहले से ही काफी कम है। आम आदमी जो प्राइवेट नौकरी या अपने निजी काम के लिए अपने पास दुपहिया वाहन रखता है, उसके सामने अधिक परेशानी खड़ी हो रही है। किसान का सीधे खर्च बढ़ गया है। लगातार दाम बढ़ जाने से बिक्री पर प्रभाव पड़ेगा। सरकार को इस पर सोचना ही पड़ेगा।

भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह।- फोटो : MUZAFFARNAGAR