{"_id":"5debf3ef8ebc3e1c1557c370","slug":"permission-not-received-in-badgaon-mahapanchayat-held-in-byala-devband-news-mrt457583125","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़गांव में नहीं मिली अनुमति, भायला में हुई महापंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़गांव में नहीं मिली अनुमति, भायला में हुई महापंचायत
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। भायला गांव में भ्रष्टाचार के खिलाफ शनिवार को हल्ला बोल महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें रामपुर मनिहारान के तत्कालीन तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद सपा नेता कार्तिकेय राणा पर दर्ज फर्जी मुकदमे को खारिज करने की मांग की गई।
सपा नेता कार्तिकेय राणा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ हल्ला बोल महापंचायत का आयोजन बड़गांव में महाराणा प्रताप की प्रतिमा के निकट करने की घोषणा की थी। जिसके लिए विधानसभा क्षेत्र में दीवारों पर पैंफलेट भी चस्पा करा दिए गए थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से बड़गांव में अनुमति नहीं दिए जाने के बाद उन्होंने अपने पैतृक गांव भायला में महापंचायत का आयोजन किया। जिसमें लोगों ने एकसुर में कार्तिकेय राणा पर दर्ज फर्जी मुकदमे को वापस लेने की मांग की। इस दौरान देवबंद एसडीएम राकेश कुमार को दिए ज्ञापन में कार्तिकेय राणा ने बताया कि तत्कालीन तहसीलदार रामपुर मनिहारान के पास वह किसानों की समस्याएं लेकर गए थे। उन्होंने उस दौरान सिर्फ तहसील में फैल रहे भ्रष्टाचार के संबंध में बात की थी। उनके मुताबिक भ्रष्टाचार के प्रकरण को उन्होंने डीएम को भी अवगत कराते हुए एक क्लिपिंग वायरल की थी। जिस पर डीएम ने कार्रवाई कर तत्कालीन तहसीलदार को तहसील से हटा दिया था, लेकिन बाद में दबाव के चलते अपना गुनाह छुपाने के लिए उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके समेत सभी साथियों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो मजबूरन समस्त जनपद के किसानों की महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत में चंद्रपाल सिंह, कपिल राणा, हरपाल सिंह यादव, मोहन राणा आदि ने भी विचार रखे। अध्यक्षता रूप सिंह प्रधान और संचालन श्यामवीर प्रधान ने किया। इस मौके पर जिला को-आपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण राणा, नानौता चेयरमैन अफजाल खान, अमरीश कुमार, रोबिन ठकराल, केपी सिंह, सानू राणा, राजकुमार प्रधान, मजाहिर मुखिया, विनय प्रधान, खलील प्रधान, मौ. प्रवेज, मौ. तंजीम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सपा नेता कार्तिकेय राणा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ हल्ला बोल महापंचायत का आयोजन बड़गांव में महाराणा प्रताप की प्रतिमा के निकट करने की घोषणा की थी। जिसके लिए विधानसभा क्षेत्र में दीवारों पर पैंफलेट भी चस्पा करा दिए गए थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से बड़गांव में अनुमति नहीं दिए जाने के बाद उन्होंने अपने पैतृक गांव भायला में महापंचायत का आयोजन किया। जिसमें लोगों ने एकसुर में कार्तिकेय राणा पर दर्ज फर्जी मुकदमे को वापस लेने की मांग की। इस दौरान देवबंद एसडीएम राकेश कुमार को दिए ज्ञापन में कार्तिकेय राणा ने बताया कि तत्कालीन तहसीलदार रामपुर मनिहारान के पास वह किसानों की समस्याएं लेकर गए थे। उन्होंने उस दौरान सिर्फ तहसील में फैल रहे भ्रष्टाचार के संबंध में बात की थी। उनके मुताबिक भ्रष्टाचार के प्रकरण को उन्होंने डीएम को भी अवगत कराते हुए एक क्लिपिंग वायरल की थी। जिस पर डीएम ने कार्रवाई कर तत्कालीन तहसीलदार को तहसील से हटा दिया था, लेकिन बाद में दबाव के चलते अपना गुनाह छुपाने के लिए उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके समेत सभी साथियों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो मजबूरन समस्त जनपद के किसानों की महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत में चंद्रपाल सिंह, कपिल राणा, हरपाल सिंह यादव, मोहन राणा आदि ने भी विचार रखे। अध्यक्षता रूप सिंह प्रधान और संचालन श्यामवीर प्रधान ने किया। इस मौके पर जिला को-आपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण राणा, नानौता चेयरमैन अफजाल खान, अमरीश कुमार, रोबिन ठकराल, केपी सिंह, सानू राणा, राजकुमार प्रधान, मजाहिर मुखिया, विनय प्रधान, खलील प्रधान, मौ. प्रवेज, मौ. तंजीम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन