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बोले ऋषिकेश एम्स के पूर्व निदेशक, वयस्क टीकाकरण से सुरक्षित रहेंगे बच्चे

Sun, 10 Oct 2021 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 11:45 PM IST
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Padmashree Professor Ravikant, former Director of AIIMS Rishikesh
मुजफ्फरनगर में एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक व केजीएमयू के पूर्व कुलपति पदम् श्री डॉ. रविकांत को स? - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रविकांत ने कहा कि बच्चों की कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा के लिए वयस्क टीकाकरण पर ध्यान देना होगा। परिजन, शिक्षक, स्कूल कर्मचारी और वाहन स्टाफ का वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण है।
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, देश के अन्य भागों से पहुंचे हजारों संक्रमित की जान बचाने और उन्हें उपचार देने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रोफेसर रविकांत गत सप्ताह ऋषिकेश एम्स के निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। रविवार को उनके नई मंडी आवास पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी कोई नहीं जानता की तीसरी लहर कब आएगी। आशंका है कि नवंबर माह के अंत या दिसंबर की शुरुआत में तीसरी लहर का खतरा हो सकता है, जो सांस के मरीजों सहित अन्य पहले से बीमार लोगों को अधिक प्रभावित करेगी। टीके की दोनों डोज ले ली जाएं, तो संक्रमित होने के बावजूद जान जाने का खतरा बहुत कम हो जाता है। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता तुलनात्मक रूप से अधिक होती है। यदि व्यस्क टीकाकरण को गंभीरता से लिया जाए तो बच्चे संक्रमण से आसानी से बचे रहेंगे।
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सदर ब्लाक के गांव चांदपुर निवासी प्रो. रविकांत ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण ने देश की अर्थव्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। सरकार मुफ्त में टीका लगा रही है, लेकिन दीर्घकाल में टीकाकरण सरकार के समक्ष बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर सकता है। इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि हेल्थ इंश्योरेंस के विचार को अपनाएं।
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उन्होंने कहा कि अन्य रोगों की तुलना में डेंगू, मलेरिया व डायरिया जैसी बीमारी फैलने का कारण स्वच्छता और जागरूकता की कमी है। मेडिकल साइंस लोगों को जो बातें बता रही हैं, वास्तव में वह हमारी सभ्यता और संस्कृति में पहले से ही छुपी है। जब छोटे थे तो माता जी हमें बिना हाथ पैर धोकर घर में प्रवेश नहीं करने देती थी। खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोना जरूरी, प्रतिदिन नहाना होता था। यदि आप साफ रहते हैं तो लाखों बैक्टीरिया और वायरस आपके शरीर से निकल जाएंगे और वह हमला नहीं कर सकेंगे। इसलिए हमें अपनी सभ्यता और संस्कृति को अपनाकर चलना होगा।

पीजीआई जैसे खुले नए मेडिकल कालेज
प्रो. रविकांत ने कहा कि वेस्ट यूपी में जो भी नए मेडिकल कालेज बनाये जाए, उन्हें पीजीआई लखनऊ या चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित किया जाए। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज तनाव हृदय घाट जैसी बीमारियों का स्तर बढ़ रहा है। ऐसे में प्राथमिक व द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं से काम नहीं चलेगा। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि समय-समय पर ब्लड प्रेशर तथा अन्य बीमारियों जैसे शुगर, थायराइड, हार्ट, किडनी आदि की जांच कराते रहें।
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