{"_id":"650754e9180c77df2a032be5","slug":"owners-kept-changing-crop-on-the-road-and-file-on-the-spot-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1031-7737-2023-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - बदलते रहे मालिक, मौके पर सड़क और फाइल में फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - बदलते रहे मालिक, मौके पर सड़क और फाइल में फसल
Mon, 18 Sep 2023 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 18 Sep 2023 01:05 AM IST
विज्ञापन
- डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की
- हाईकोर्ट के आदेश पर हरकत में आया जिला प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के गांव न्यामू में सड़क की जमीन का खेती में बैनामा कर दिया गया। यही नहीं चकबंदी के अधिकारियों ने भी जमीन को खेती में ही दर्ज कर दिया। किसान अब सड़क को अपनी बताते हुए हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी तो डीएम ने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर दी है।
आरोप है कि चरथावल क्षेत्र के गांव न्यामू में 2012 में किसान ने अपनी जमीन के साथ सड़क की जमीन का बैनामा भी कर दिया। इसके बाद यह जमीन बैनामे से ही दूसरे और फिर तीसरे किसान के नाम हो गई। बाद में गांव में चकबंदी हुई तो चकबंदी के अधिकारियों ने जमीन को सड़क की जगह खेत में ही तब्दील कर दिया। लगभग चार बीघा जमीन है। कागजों में खेत रहे और मौके पर लोनिवि की सड़क चल रही है। सड़क बंद कर जमीन पर कब्जे की मांग को लेकर प्रमोद हाईकोर्ट चला गया और अपने बैनामे के कागज प्रस्तुत किए।
उच्च न्यायालय ने डीएम से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। इस समिति में उप जिलाधिकारी सदर परमानंद झा, तहसीलदार सदर, चकबंदी अधिकारी, लोनिवि के अधिकारी शामिल किए गए हैं। टीम रिकाॅर्ड निकालकर पूरे मामले की जांच कर रही है। एसडीएम सदर परमानंद झा ने बताया कि जल्द ही डीएम को जांच रिपोर्ट दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- हाईकोर्ट के आदेश पर हरकत में आया जिला प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के गांव न्यामू में सड़क की जमीन का खेती में बैनामा कर दिया गया। यही नहीं चकबंदी के अधिकारियों ने भी जमीन को खेती में ही दर्ज कर दिया। किसान अब सड़क को अपनी बताते हुए हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी तो डीएम ने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर दी है।
आरोप है कि चरथावल क्षेत्र के गांव न्यामू में 2012 में किसान ने अपनी जमीन के साथ सड़क की जमीन का बैनामा भी कर दिया। इसके बाद यह जमीन बैनामे से ही दूसरे और फिर तीसरे किसान के नाम हो गई। बाद में गांव में चकबंदी हुई तो चकबंदी के अधिकारियों ने जमीन को सड़क की जगह खेत में ही तब्दील कर दिया। लगभग चार बीघा जमीन है। कागजों में खेत रहे और मौके पर लोनिवि की सड़क चल रही है। सड़क बंद कर जमीन पर कब्जे की मांग को लेकर प्रमोद हाईकोर्ट चला गया और अपने बैनामे के कागज प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय ने डीएम से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। इस समिति में उप जिलाधिकारी सदर परमानंद झा, तहसीलदार सदर, चकबंदी अधिकारी, लोनिवि के अधिकारी शामिल किए गए हैं। टीम रिकाॅर्ड निकालकर पूरे मामले की जांच कर रही है। एसडीएम सदर परमानंद झा ने बताया कि जल्द ही डीएम को जांच रिपोर्ट दी जाएगी।
विज्ञापन