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पटाखों पर रोक के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 11 Oct 2017 12:53 AM IST
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डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनसीआर क्षेत्र में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने से परेशान पटाखा व्यापारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में जनपद में दीपावली के मद्देनजर पटाखों की बिक्री की अनुमति देने की मांग की है।
पश्चिमी क्षेत्र आतिशबाजी विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से आतिशबाजी कारोबारी मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को ज्ञापन दिया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने अवगत कराया कि मुजफ्फरनगर जिले को केंद्र सरकार द्वारा एनसीआर क्षेत्र में शामिल कर लिया था।
इसके बाद 11 नवंबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट का एक निर्णय आया, जिसके अनुपालन में आतिशबाजी उद्योग को दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रतिबंधित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सामने रखते हुए एनजीटी ने एनसीआर क्षेत्र के सभी जनपदों में आतिशबाजी की बिक्री पर भी पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया।
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इन आदेशों के चलते तत्कालीन डीएम ने जनपद में आतिशबाजी बिक्री के लिए जारी किए गए लाइसेंसों को निरस्त करने का आर्डर कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर 2017 को अपने आदेश में कुछ शर्तों के साथ आतिशबाजी कारोबार से प्रतिबंध हटा दिया था। इसके बाद व्यापारियों ने दीपावली पर बिक्री के लिए आतिशबाजी की खरीद कर ली थी, लेकिन नौ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने फिर नया आदेश जारी करते हुए दीपावली के लिए आतिशबाजी बिक्री पर पूर्व की भांति प्रतिबंध लागू कर दिया।
मौके पर मधुसूदन अग्रवाल, दिनेशचंद्र, कृष्ण कुमार गर्ग, सौरभ कुमार, वेदपाल, सहदेव तायल, राकेश त्यागी, अनिल सिंघल, अमरीश गर्ग, विपिन कुमार, राजकुमार, ललित गोयल, संजय, संजय शर्मा, रिंकू कुमार, मोहित कर्णवाल, कुलदीप, सुमित, पवन जलोत्रा, ओमपाल, कन्हैया लाल शर्मा, सतीश गुर्जर, अंशुल गर्ग, आशु अग्रवाल, सूरज, राजीव गर्ग आदि व्यापारी शामिल रहे।
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पश्चिमी क्षेत्र आतिशबाजी विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से आतिशबाजी कारोबारी मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को ज्ञापन दिया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने अवगत कराया कि मुजफ्फरनगर जिले को केंद्र सरकार द्वारा एनसीआर क्षेत्र में शामिल कर लिया था।
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इसके बाद 11 नवंबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट का एक निर्णय आया, जिसके अनुपालन में आतिशबाजी उद्योग को दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रतिबंधित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सामने रखते हुए एनजीटी ने एनसीआर क्षेत्र के सभी जनपदों में आतिशबाजी की बिक्री पर भी पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया।
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इन आदेशों के चलते तत्कालीन डीएम ने जनपद में आतिशबाजी बिक्री के लिए जारी किए गए लाइसेंसों को निरस्त करने का आर्डर कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर 2017 को अपने आदेश में कुछ शर्तों के साथ आतिशबाजी कारोबार से प्रतिबंध हटा दिया था। इसके बाद व्यापारियों ने दीपावली पर बिक्री के लिए आतिशबाजी की खरीद कर ली थी, लेकिन नौ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने फिर नया आदेश जारी करते हुए दीपावली के लिए आतिशबाजी बिक्री पर पूर्व की भांति प्रतिबंध लागू कर दिया।
मौके पर मधुसूदन अग्रवाल, दिनेशचंद्र, कृष्ण कुमार गर्ग, सौरभ कुमार, वेदपाल, सहदेव तायल, राकेश त्यागी, अनिल सिंघल, अमरीश गर्ग, विपिन कुमार, राजकुमार, ललित गोयल, संजय, संजय शर्मा, रिंकू कुमार, मोहित कर्णवाल, कुलदीप, सुमित, पवन जलोत्रा, ओमपाल, कन्हैया लाल शर्मा, सतीश गुर्जर, अंशुल गर्ग, आशु अग्रवाल, सूरज, राजीव गर्ग आदि व्यापारी शामिल रहे।