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क्लीनिकों को बंद कर चले गए संचालक
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क्लीनिकों को बंद कर चले गए संचालक
पुरकाजी। स्वास्थ्य विभाग व तहसील कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने सोमवार को कस्बे के नर्सिंग होम व क्लीनिकों का निरीक्षण किया। नर्सिंग होम व क्लीनिकों के संचालक शटर गिराकर चले गए। वहीं, चार नर्सिंग होम संचालक रजिस्ट्रेशन ही नहीं दिखा सके, जिनके गेट पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है।
सीएचसी प्रभारी डॉ अरुण कुमार व नायब तहसीलदार राजकुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को कस्बे में स्थित नर्सिंग होम व क्लीनिकों का निरीक्षण किया। डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान हाईवे स्थित दो नर्सिंगहोम के साथ ही चार क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन उनके संचालक नहीं दिखा सके। इस पर सभी चारों नर्सिंग होम व क्लीनिक के गेट पर नोटिस चस्पा करते हुए उनके संचालकों को रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। निरीक्षण के डर से कई क्लीनिकों के शटर धड़ाधड़ गिर गए। डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि प्राइवेट क्लीनिक व नर्सिंगहोम के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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पुरकाजी। स्वास्थ्य विभाग व तहसील कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने सोमवार को कस्बे के नर्सिंग होम व क्लीनिकों का निरीक्षण किया। नर्सिंग होम व क्लीनिकों के संचालक शटर गिराकर चले गए। वहीं, चार नर्सिंग होम संचालक रजिस्ट्रेशन ही नहीं दिखा सके, जिनके गेट पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है।
सीएचसी प्रभारी डॉ अरुण कुमार व नायब तहसीलदार राजकुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को कस्बे में स्थित नर्सिंग होम व क्लीनिकों का निरीक्षण किया। डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान हाईवे स्थित दो नर्सिंगहोम के साथ ही चार क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन उनके संचालक नहीं दिखा सके। इस पर सभी चारों नर्सिंग होम व क्लीनिक के गेट पर नोटिस चस्पा करते हुए उनके संचालकों को रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। निरीक्षण के डर से कई क्लीनिकों के शटर धड़ाधड़ गिर गए। डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि प्राइवेट क्लीनिक व नर्सिंगहोम के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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