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गर्मी बढ़ते ही बढ़ी मरीजों की संख्या, मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में हुआ बुरा हाल
Sat, 15 Jun 2019 12:53 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Sat, 15 Jun 2019 12:53 AM IST
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मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। इससे उन्हें चिकित्सकों को दिखाने और दवा पाने के लिए जूझना पड़ रहा है। घंटों तक लाइन में लगने के बाद डाक्टर तक पहुंच पाते हैं और फिर दवा लेने में पसीने छूट जाते हैं। शुक्रवार को सवेरे दस बजे अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल था। फिजिशियन कक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ तथा सर्जन कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी।
बच्चे को दिखाने आई सरवट की नजराना सवेरे आठ बजे से अस्पताल पहुंच गई थी, लेकिन अभी उसका नंबर नहीं आया था। बच्चा बार-बार रो रहा था। गर्मी और भीड़ के कारण वह करीब ढाई घंटे बाद चिकित्सक तक पहुंच पाई। इंजेक्शन कक्ष तथा सामान्य रोगी कक्ष के बाहर भी मरीजों का बुरा हाल रहा। गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रतिदिन औसतन दो हजार मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने से चिकित्सकों को दिखाने के लिए मारामारी मची रहती है।
दवा खिड़की पर हो जाते हैं हौसले पस्त
मरीज जैसे-तैसे करके चिकित्सक तक पहुंच भी जाए तो उसके हौसले दवा हासिल करने में पस्त हो जाते हैं। महिला और पुरुष दोनों ही खिड़कियों पर मरीजों की लंबी लाइन रहती है। एक व्यक्ति को दवा लेने के लिए भीषण गर्मी में औसतन डेढ़ से दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ता है। साकेत निवासी राजबाला, सरवट के ओमप्रकाश और लद्दावाला निवासी फरजाना का कहना था कि घंटों से लाइन में लगे हैं, लेकिन भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही। जब भी दवा लेने आते हैं, यही स्थिति रहती है। गंभीर बीमार लोगों की तो हालत बिगड़ जाती है।
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बच्चा वार्ड फुल, एक बेड पर दो-दो मरीज
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड फुल है। एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें ज्यादातर बच्चे डायरिया की चपेट में आए हुए हैं। अपने बच्चों का उपचार करा रही रईसा और आमना का कहना है कि पूरा वार्ड मरीजों से खचाखच भरा है। 12 बेड पर 24 बच्चे भर्ती हैं। और भी नए मरीज आ रहे हैं। एक बेड पर दो मरीजों के साथ तिमारदारों की भी भीड़ लगी रहती है। बेड की कम और लोगों की भीड़ के चलते भारी परेशानी हो रही है।
फिर 41 डिग्री पर पहुंचा जिले का तापमान
मुजफ्फरनगर। जिले का तापमान एक बार फिर 41 डिग्री पर पहुंच गया है। बीते तीन दिनों तक तापमान में गिरावट रही, लेकिन शुक्रवार को फिर से गर्मी बढ़ गई। दोपहर में लू के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। अधिकतम तापमान 41 डिग्री तथा न्यूनतम 26.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को दोपहर में बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। भीषण गर्मी के चलते लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बच्चों को सबसे ज्यादा डायरिया प्रभावित कर रहा है। खानपान में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने तथा लू के कारण बच्चे और बड़े भी बीमार पड़ रहे हैं।
बरतें सावधानियां
- बच्चों को धूप में घर से बाहर न निकलने दें।
- गंदे स्थानों पर बिक रहे खाद्य पदार्थ न खाएं।
- गन्ने का रस तथा बर्फ वाली चीजें खाने से बचें।
- बाहर से आकर एकदम से ठंडा पानी न पिएं।
- बच्चों को नमक-चीनी का घोल दें।
- मौसमी फल खूब खाएं तथा तरल पदार्थ लेते रहें।
- उल्टी-दस्त होने पर बच्चों को योग्य चिकित्सक को दिखाएं।
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बच्चे को दिखाने आई सरवट की नजराना सवेरे आठ बजे से अस्पताल पहुंच गई थी, लेकिन अभी उसका नंबर नहीं आया था। बच्चा बार-बार रो रहा था। गर्मी और भीड़ के कारण वह करीब ढाई घंटे बाद चिकित्सक तक पहुंच पाई। इंजेक्शन कक्ष तथा सामान्य रोगी कक्ष के बाहर भी मरीजों का बुरा हाल रहा। गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रतिदिन औसतन दो हजार मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने से चिकित्सकों को दिखाने के लिए मारामारी मची रहती है।
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दवा खिड़की पर हो जाते हैं हौसले पस्त
मरीज जैसे-तैसे करके चिकित्सक तक पहुंच भी जाए तो उसके हौसले दवा हासिल करने में पस्त हो जाते हैं। महिला और पुरुष दोनों ही खिड़कियों पर मरीजों की लंबी लाइन रहती है। एक व्यक्ति को दवा लेने के लिए भीषण गर्मी में औसतन डेढ़ से दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ता है। साकेत निवासी राजबाला, सरवट के ओमप्रकाश और लद्दावाला निवासी फरजाना का कहना था कि घंटों से लाइन में लगे हैं, लेकिन भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही। जब भी दवा लेने आते हैं, यही स्थिति रहती है। गंभीर बीमार लोगों की तो हालत बिगड़ जाती है।
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बच्चा वार्ड फुल, एक बेड पर दो-दो मरीज
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड फुल है। एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें ज्यादातर बच्चे डायरिया की चपेट में आए हुए हैं। अपने बच्चों का उपचार करा रही रईसा और आमना का कहना है कि पूरा वार्ड मरीजों से खचाखच भरा है। 12 बेड पर 24 बच्चे भर्ती हैं। और भी नए मरीज आ रहे हैं। एक बेड पर दो मरीजों के साथ तिमारदारों की भी भीड़ लगी रहती है। बेड की कम और लोगों की भीड़ के चलते भारी परेशानी हो रही है।
फिर 41 डिग्री पर पहुंचा जिले का तापमान
मुजफ्फरनगर। जिले का तापमान एक बार फिर 41 डिग्री पर पहुंच गया है। बीते तीन दिनों तक तापमान में गिरावट रही, लेकिन शुक्रवार को फिर से गर्मी बढ़ गई। दोपहर में लू के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। अधिकतम तापमान 41 डिग्री तथा न्यूनतम 26.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को दोपहर में बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। भीषण गर्मी के चलते लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बच्चों को सबसे ज्यादा डायरिया प्रभावित कर रहा है। खानपान में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने तथा लू के कारण बच्चे और बड़े भी बीमार पड़ रहे हैं।
बरतें सावधानियां
- बच्चों को धूप में घर से बाहर न निकलने दें।
- गंदे स्थानों पर बिक रहे खाद्य पदार्थ न खाएं।
- गन्ने का रस तथा बर्फ वाली चीजें खाने से बचें।
- बाहर से आकर एकदम से ठंडा पानी न पिएं।
- बच्चों को नमक-चीनी का घोल दें।
- मौसमी फल खूब खाएं तथा तरल पदार्थ लेते रहें।
- उल्टी-दस्त होने पर बच्चों को योग्य चिकित्सक को दिखाएं।