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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - किनकी पर महंगाई का रंग, चावल के दाम कर रहे दंग
Mon, 25 Dec 2023 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 25 Dec 2023 12:49 AM IST
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- बासमती चावल 90 से 110 रुपये किलो, किनकी 36 रुपये किलो
- कोरोना के बाद पहली बार चावल की कीमतों में हुई है यह वृद्धि
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चावल के दाम एकाएक बढ़ने शुरू हो गए हैं। चावल की किनकी के दाम 36 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। जबकि बासमती चावल 90 से 110 रुपये किलो में बिक रहा है। रसोई का बजट बिगड़ रहा है।
धान की फसल बाजारों में पहुंचते ही चावल के दामों में उछाल आ गया है। कुछ महीने पहले चावल की किनकी 18 रुपये किलो बिक रही थी, अब इसके दाम 32 से 36 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। मोटा चावल 45 रुपये किलो से बढ़कर 50 से 70 रुपये तक बिक रहा है। बासमती चावल बाजार में 90 से 110 रुपये किलो में बिक रहा है। नवीन मंडी स्थल पर चावल के थोक विक्रेता संजय का कहना है कि चावल के दाम बढ़े हैं। सबसे ज्यादा महंगाई चावल की किनकी पर आई है। शराब में चावल का प्रयोग किए जाने से यह महंगा हुआ है। बासमती और किनकी के दामों में अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। चावल के थोक विक्रेता रविंद्र कुमार का कहना है कि कोरोना काल से पहले चावल पर महंगाई आई थी, पर तब भी इतने दाम नहीं बढ़े थे।
रसोई के बजट को ही बिगाड़ दिया
चावल के दामों ने महिलाओं के रसोई के बजट को ही बिगाड़ दिया है। केशवपुरी की मनीषा सिंघल का कहना है कि रसोई में सबसे ज्यादा आवश्यकता गेहूं और चावल की होती है। चावल के दाम दोगुने हो जाने से रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है।
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शराब में 312 टन चावल की प्रतिदिन खपत
चावल का प्रयोग शराब बनाने में किया जा रहा है। जिले की दो शराब फैक्टरी चावल से शराब बना रही हैं। इनमें मंसूरपुर की शादीलाल और खतौली की त्रिवेणी शामिल हैं। शादीलाल डिस्टलरी में प्रतिदिन 200 टन चावल का प्रयोग हो रहा है। त्रिवेणी डिस्टलरी में प्रतिदिन 112 टन चावल प्रयोग होता है।
खरीद का लक्ष्य भी पूरा नहीं
जिले में धान की खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। करीब 11 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की उपज ली जाती है। खरीद का लक्ष्य चार हजार मीट्रिक टन रखा गया था, लेकिन अब तक करीब 625 मीट्रिक टन खरीद ही हो सकी है।
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- कोरोना के बाद पहली बार चावल की कीमतों में हुई है यह वृद्धि
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चावल के दाम एकाएक बढ़ने शुरू हो गए हैं। चावल की किनकी के दाम 36 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। जबकि बासमती चावल 90 से 110 रुपये किलो में बिक रहा है। रसोई का बजट बिगड़ रहा है।
धान की फसल बाजारों में पहुंचते ही चावल के दामों में उछाल आ गया है। कुछ महीने पहले चावल की किनकी 18 रुपये किलो बिक रही थी, अब इसके दाम 32 से 36 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। मोटा चावल 45 रुपये किलो से बढ़कर 50 से 70 रुपये तक बिक रहा है। बासमती चावल बाजार में 90 से 110 रुपये किलो में बिक रहा है। नवीन मंडी स्थल पर चावल के थोक विक्रेता संजय का कहना है कि चावल के दाम बढ़े हैं। सबसे ज्यादा महंगाई चावल की किनकी पर आई है। शराब में चावल का प्रयोग किए जाने से यह महंगा हुआ है। बासमती और किनकी के दामों में अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। चावल के थोक विक्रेता रविंद्र कुमार का कहना है कि कोरोना काल से पहले चावल पर महंगाई आई थी, पर तब भी इतने दाम नहीं बढ़े थे।
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रसोई के बजट को ही बिगाड़ दिया
चावल के दामों ने महिलाओं के रसोई के बजट को ही बिगाड़ दिया है। केशवपुरी की मनीषा सिंघल का कहना है कि रसोई में सबसे ज्यादा आवश्यकता गेहूं और चावल की होती है। चावल के दाम दोगुने हो जाने से रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है।
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शराब में 312 टन चावल की प्रतिदिन खपत
चावल का प्रयोग शराब बनाने में किया जा रहा है। जिले की दो शराब फैक्टरी चावल से शराब बना रही हैं। इनमें मंसूरपुर की शादीलाल और खतौली की त्रिवेणी शामिल हैं। शादीलाल डिस्टलरी में प्रतिदिन 200 टन चावल का प्रयोग हो रहा है। त्रिवेणी डिस्टलरी में प्रतिदिन 112 टन चावल प्रयोग होता है।
खरीद का लक्ष्य भी पूरा नहीं
जिले में धान की खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। करीब 11 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की उपज ली जाती है। खरीद का लक्ष्य चार हजार मीट्रिक टन रखा गया था, लेकिन अब तक करीब 625 मीट्रिक टन खरीद ही हो सकी है।