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Muzaffarnagar News: पूर्व विधायक शाहनवाज राना के चालक को नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जेल में मोबाइल मिलने के मामले में नई मंडी कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक शाहनवाज राना के करीबियों की घेराबंदी शुरू की है। अपना पक्ष न रखने के कारण पूर्व विधायक की पत्नी, बेटे व पुत्रवधू को बुलाया जा सकता है। मोबाइल पर बात करने के मामले में पूर्व विधायक के गाड़ी के चालक कसेरवा निवासी सद्दाम को पुलिस ने नोटिस भेजा है।
मार्च माह में जेल में बंद होने के दौरान पूर्व विधायक शाहनवाज राना से मोबाइल मिला था। मोबाइल में प्रयोग किया जाने वाला सिम बिजनौर के नगीना के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी के नौकर के बेटे समीर था, जिसकी आईडी लेकर पूर्व विधायक ने सिम निकलवाया था।
यह सिम बाद में जेल में शाहनवाज राना तक पहुंचाया गया था। पुलिस ने इस मामले में दोषी मानते हुए मोहम्मद गाजी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मोबाइल पर सात नंबरों से पूर्व विधायक से बात की गई थी। तीन नंबर शाहनवाज राना की पत्नी, बेटे व पुत्रवधू व दो नंबर दिल्ली निवासी लोगों के होना पुलिस ने पाए थे। अब एक नंबर थाना शाहपुर के गांव कसरेवा निवासी सद्दाम का होना पुलिस की जांच में आया है। यह नंबर सद्दाम चला रहा है या फिर कोई और यह जानने व अपना पक्ष रखने के लिए उसे नोटिस भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि सद्दाम पूर्व विधायक की गाड़ी चलाता है।
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एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है। सद्दाम का नाम सामने आया है। पूर्व विधायक की पत्नी, बेटे व पुत्रवधू को अपना पक्ष रखने के लिए उनके नाम के नोटिस उनके घर पर एक माह पहले चस्पा किए थे। उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा, न ही नोटिस तामिल किए हैं। उन्हें दो नोटिस भेजे जा चुके हैं। तीसरा नोटिस जारी होने के बाद भी यदि वह अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो मुकदमे में उनका नाम शामिल कर लिया जाएगा।
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ये था मामला-
पूर्व विधायक शाहनवाज राना दिसंबर 2024 से जीएसटी टीम पर हमला करने के मामले में जेल में बंद हैं। 25 मार्च की रात वह जिला जेल में बंद थे। रात में सभी बंदियों को गिनती के बाद बैरकों में भेजा जा रहा था। चेकिंग के दौरान जेलर राजेश कुमार को पूर्व विधायक से मोबाइल बरामद हुआ।
आरोप रहा कि मोबाइल के बारे में पूछताछ करने पर पूर्व विधायक ने जेलर के साथ अभद्रता कर धमकी दी थी। जेलर राजेश कुमार ने नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। वर्तमान में पूर्व विधायक चित्रकूट जेल में बंद है।
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मुजफ्फरनगर। जेल में मोबाइल मिलने के मामले में नई मंडी कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक शाहनवाज राना के करीबियों की घेराबंदी शुरू की है। अपना पक्ष न रखने के कारण पूर्व विधायक की पत्नी, बेटे व पुत्रवधू को बुलाया जा सकता है। मोबाइल पर बात करने के मामले में पूर्व विधायक के गाड़ी के चालक कसेरवा निवासी सद्दाम को पुलिस ने नोटिस भेजा है।
मार्च माह में जेल में बंद होने के दौरान पूर्व विधायक शाहनवाज राना से मोबाइल मिला था। मोबाइल में प्रयोग किया जाने वाला सिम बिजनौर के नगीना के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी के नौकर के बेटे समीर था, जिसकी आईडी लेकर पूर्व विधायक ने सिम निकलवाया था।
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यह सिम बाद में जेल में शाहनवाज राना तक पहुंचाया गया था। पुलिस ने इस मामले में दोषी मानते हुए मोहम्मद गाजी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मोबाइल पर सात नंबरों से पूर्व विधायक से बात की गई थी। तीन नंबर शाहनवाज राना की पत्नी, बेटे व पुत्रवधू व दो नंबर दिल्ली निवासी लोगों के होना पुलिस ने पाए थे। अब एक नंबर थाना शाहपुर के गांव कसरेवा निवासी सद्दाम का होना पुलिस की जांच में आया है। यह नंबर सद्दाम चला रहा है या फिर कोई और यह जानने व अपना पक्ष रखने के लिए उसे नोटिस भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि सद्दाम पूर्व विधायक की गाड़ी चलाता है।
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एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है। सद्दाम का नाम सामने आया है। पूर्व विधायक की पत्नी, बेटे व पुत्रवधू को अपना पक्ष रखने के लिए उनके नाम के नोटिस उनके घर पर एक माह पहले चस्पा किए थे। उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा, न ही नोटिस तामिल किए हैं। उन्हें दो नोटिस भेजे जा चुके हैं। तीसरा नोटिस जारी होने के बाद भी यदि वह अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो मुकदमे में उनका नाम शामिल कर लिया जाएगा।
ये था मामला-
पूर्व विधायक शाहनवाज राना दिसंबर 2024 से जीएसटी टीम पर हमला करने के मामले में जेल में बंद हैं। 25 मार्च की रात वह जिला जेल में बंद थे। रात में सभी बंदियों को गिनती के बाद बैरकों में भेजा जा रहा था। चेकिंग के दौरान जेलर राजेश कुमार को पूर्व विधायक से मोबाइल बरामद हुआ।
आरोप रहा कि मोबाइल के बारे में पूछताछ करने पर पूर्व विधायक ने जेलर के साथ अभद्रता कर धमकी दी थी। जेलर राजेश कुमार ने नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। वर्तमान में पूर्व विधायक चित्रकूट जेल में बंद है।