{"_id":"64ad5783b5597bc80309ca46","slug":"nine-members-of-interstate-vehicle-thieves-gang-arrested-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1037-3444-2023-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के नौ सदस्य गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के नौ सदस्य गिरफ्तार
विज्ञापन
पुलिस लाइन में वाहन चोरों के बारे में जानकारी देते एसएसपी संजीव सुमन
आरोपियों में दो सगे भाई भी, चार कार और 14 बाइक बरामद
चार आरोपी मुजफ्फरनगर और पांच हरिद्वार के रहने वाले
दिल्ली-एनसीआर से चोरी किए गए हैं सभी वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एसओजी (प्रथम) और सिविल लाइन थाना पुलिस के संयुक्त अभियान में सोमवार रात बझेड़ी अंडरपास के पास से चोरी की बुलेट सवार अंतरराज्यीय तीन चोरों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर उनके छह साथियों को एक खंडहर से पकड़ा गया। यहां से 13 बुलेट बाइक और चार लग्जरी कार बरामद की गई। मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया। इनमें दो सगे भाई भी हैं।
एसएसपी संजीव सुमन ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि चोरी की बुलेट बाइक सवार तीन युवक सुमित, अमित व मुशर्रफ को तीन तमंचों के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में तीनों ने अपने छह साथियों को रुड़की रोड पर एक खंडहर में चोरी के कई वाहनों के साथ मौजूद होना बताया। जानकारी दी कि जो बुलेट उनसे बरामद हुई हैं, वे उसे बेचने के लिए जा रहे थे।
इसके बाद पुलिस की दोनों टीमों ने मौके पर पहुंच कर 13 बुलेट और चार कार बरामद कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि बरामद सभी वाहन दिल्ली-एनसीआर से चुराए गए हैं। आरोपियों से कुल 18 वाहन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार तीन आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। गिरफ्तार दो युवक सगे भाई है।
विज्ञापन
इन्हें किया गिरफ्तार
- अमित बंसल निवासी पटेल नगर, नई मंडी, मुजफ्फरनगर। सात मुकदमे
- सुमित बंसल निवासी पटेल नगर, नई मंडी, मुजफ्फरनगर। आठ मुकदमे
- दिलशाद निवासी योगेंद्रपुरी, शहर कोतवाली, मुजफ्फरनगर। तीन मुकदमे
- रेशू निवासी मोहल्ला चमारियान, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर। चार मुकदमे
- जावेद निवासी रामपुरी चुंगी, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे
- ताजिम निवासी रामपुरी चुंगी, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे
- मुशर्रफ उर्फ मुशर्रत निवासी गांव कासमपुरा, हरिद्वार। तीन मुकदमे
- मुनीर निवासी गांव सालापुर सालियर, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे।
- मारुफ खान निवासी मोहल्ला भारत नगर, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे
सभी सदस्यों का अलग-अलग काम, गिरवी रखते थे वाहन
मुजफ्फरनगर। वाहन चोर गिरोह के सभी नौ सदस्यों का वाहन चोरी करने और बेचने में अपना अलग-अलग काम था। चोरी के वाहनों को कुछ सदस्य गिरवी रखते थे और बाद में उन्हें वापस नहीं लेते थे। गिरोह का मुख्य सरगना को पुलिस अभी पकड़ नहीं पाई है। गिरोह में एक अधेड़ दिलशाद भी है, जो चोरी के वाहनों को बिकवाने में अहम भूमिका निभाता था। वाहनों के अलावा आरोपियों से तीन तमंचे, छह फर्जी आरसी और पांच आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं।
इस तरह करते थे अपराध
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना बिजनौर निवासी हादी उर्फ अब्दुल्ला अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली और एनसीआर में वाहन चोरी करता था। उनके फर्जी कागज तैयार करने के बाद वाहन दिलशाद को देता था। वह वाहन और कागजात अमित बंसल व सुमित बंसल को देता था। इसके बाद अन्य साथियों के साथ मिलकर वाहनों को बेचते थे।
--
वाहन नहीं लेते थे वापस
कासमपुरा हरिद्वार निवासी मुशर्रफ अपने परिचितों की मदद से चोरी के वाहन को आधी कीमत में गिरवी रखता था। इसके बाद वाहन को वापस नहीं लेता था।
शातिर अपराधी हैं दोनों भाई
गिरफ्तार अमित और सुमित दोनों सगे भाई हैं। दोनों के खिलाफ गैंगस्टर, नशीला पदार्थ बरामदगी सहित कई गंभीर धाराओं के मुकदमे दर्ज है। पुलिस का कहना है कि दोनों ही अब्दुल्ला के साथ मिलकर गिरोह को चलाते थे। तीन लाख की कीमत वाली बाइक डेढ़ लाख और कार भी आधी कीमत में बेचते थे। बरामद वाहनों की कीमत 80 लाख रुपये है। सभी वाहन एक साल में चोरी किए गए थे।
चोरी करने का तरीका
एसओजी प्रभारी दीपक चौधरी ने बताया कि एक सदस्य कार की साइड का छोटा शीशा तोड़ कर अंदर घुस जाता था। इसके बाद बाइडिंग के तार काटकर और स्टेरिंग कपलर निकाल कर कार स्टार्ट कर चोरी की जाती थी। जीपीएस निकाल देते थे। दस मिनट में चेसिस नंबर बदल देते थे। रैकी करने के बाद लाॅक तोड़ कर बाइक चोरी करते थे। यूपी और उत्तराखंड में भी वाहनों को बेचते थे।
विज्ञापन
चार आरोपी मुजफ्फरनगर और पांच हरिद्वार के रहने वाले
दिल्ली-एनसीआर से चोरी किए गए हैं सभी वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एसओजी (प्रथम) और सिविल लाइन थाना पुलिस के संयुक्त अभियान में सोमवार रात बझेड़ी अंडरपास के पास से चोरी की बुलेट सवार अंतरराज्यीय तीन चोरों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर उनके छह साथियों को एक खंडहर से पकड़ा गया। यहां से 13 बुलेट बाइक और चार लग्जरी कार बरामद की गई। मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया। इनमें दो सगे भाई भी हैं।
एसएसपी संजीव सुमन ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि चोरी की बुलेट बाइक सवार तीन युवक सुमित, अमित व मुशर्रफ को तीन तमंचों के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में तीनों ने अपने छह साथियों को रुड़की रोड पर एक खंडहर में चोरी के कई वाहनों के साथ मौजूद होना बताया। जानकारी दी कि जो बुलेट उनसे बरामद हुई हैं, वे उसे बेचने के लिए जा रहे थे।
विज्ञापन
इसके बाद पुलिस की दोनों टीमों ने मौके पर पहुंच कर 13 बुलेट और चार कार बरामद कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि बरामद सभी वाहन दिल्ली-एनसीआर से चुराए गए हैं। आरोपियों से कुल 18 वाहन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार तीन आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। गिरफ्तार दो युवक सगे भाई है।
विज्ञापन
इन्हें किया गिरफ्तार
- अमित बंसल निवासी पटेल नगर, नई मंडी, मुजफ्फरनगर। सात मुकदमे
- सुमित बंसल निवासी पटेल नगर, नई मंडी, मुजफ्फरनगर। आठ मुकदमे
- दिलशाद निवासी योगेंद्रपुरी, शहर कोतवाली, मुजफ्फरनगर। तीन मुकदमे
- रेशू निवासी मोहल्ला चमारियान, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर। चार मुकदमे
- जावेद निवासी रामपुरी चुंगी, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे
- ताजिम निवासी रामपुरी चुंगी, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे
- मुशर्रफ उर्फ मुशर्रत निवासी गांव कासमपुरा, हरिद्वार। तीन मुकदमे
- मुनीर निवासी गांव सालापुर सालियर, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे।
- मारुफ खान निवासी मोहल्ला भारत नगर, गंगनहर, हरिद्वार। तीन मुकदमे
सभी सदस्यों का अलग-अलग काम, गिरवी रखते थे वाहन
मुजफ्फरनगर। वाहन चोर गिरोह के सभी नौ सदस्यों का वाहन चोरी करने और बेचने में अपना अलग-अलग काम था। चोरी के वाहनों को कुछ सदस्य गिरवी रखते थे और बाद में उन्हें वापस नहीं लेते थे। गिरोह का मुख्य सरगना को पुलिस अभी पकड़ नहीं पाई है। गिरोह में एक अधेड़ दिलशाद भी है, जो चोरी के वाहनों को बिकवाने में अहम भूमिका निभाता था। वाहनों के अलावा आरोपियों से तीन तमंचे, छह फर्जी आरसी और पांच आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं।
इस तरह करते थे अपराध
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना बिजनौर निवासी हादी उर्फ अब्दुल्ला अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली और एनसीआर में वाहन चोरी करता था। उनके फर्जी कागज तैयार करने के बाद वाहन दिलशाद को देता था। वह वाहन और कागजात अमित बंसल व सुमित बंसल को देता था। इसके बाद अन्य साथियों के साथ मिलकर वाहनों को बेचते थे।
वाहन नहीं लेते थे वापस
कासमपुरा हरिद्वार निवासी मुशर्रफ अपने परिचितों की मदद से चोरी के वाहन को आधी कीमत में गिरवी रखता था। इसके बाद वाहन को वापस नहीं लेता था।
शातिर अपराधी हैं दोनों भाई
गिरफ्तार अमित और सुमित दोनों सगे भाई हैं। दोनों के खिलाफ गैंगस्टर, नशीला पदार्थ बरामदगी सहित कई गंभीर धाराओं के मुकदमे दर्ज है। पुलिस का कहना है कि दोनों ही अब्दुल्ला के साथ मिलकर गिरोह को चलाते थे। तीन लाख की कीमत वाली बाइक डेढ़ लाख और कार भी आधी कीमत में बेचते थे। बरामद वाहनों की कीमत 80 लाख रुपये है। सभी वाहन एक साल में चोरी किए गए थे।
चोरी करने का तरीका
एसओजी प्रभारी दीपक चौधरी ने बताया कि एक सदस्य कार की साइड का छोटा शीशा तोड़ कर अंदर घुस जाता था। इसके बाद बाइडिंग के तार काटकर और स्टेरिंग कपलर निकाल कर कार स्टार्ट कर चोरी की जाती थी। जीपीएस निकाल देते थे। दस मिनट में चेसिस नंबर बदल देते थे। रैकी करने के बाद लाॅक तोड़ कर बाइक चोरी करते थे। यूपी और उत्तराखंड में भी वाहनों को बेचते थे।