अंग्रेजी संस्कृति को देश से खत्म करना जरूरी
मोरना। महाशक्ति सिद्धपीठ शुकतीर्थ आश्रम बालाजी केंद्र में नौ दिवसीय सनातन वैदिक राष्ट्र निर्माण हेतु महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने कहा कि पाकिस्तानी सभ्यता और अंग्रेजी संस्कृति को भारत से खत्म करना होगा। इसके बाद ही हम अपनी वैदिक संस्कृति प्राचीन सभ्यता को बचा पाएंगे।
कार्यक्रम में आश्रम अधिष्ठाता माता राजनंदेश्वरी ने कहा कि हमारे ऋषि मुनि असंभव कार्य को यज्ञ से संभव करते थे। भौतिक यज्ञों से वातावरण स्वत: ही शुद्ध होता है। प्रत्येक परिवार को यज्ञ करना चाहिए। यज्ञ हमारी संस्कृति का सर्वश्रेष्ठ अंग है। यज्ञ और योग दोनों धारण करने से संस्कार बनते हैं। बिना संस्कार के अच्छे राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सकता। विदेशी संस्कृति राष्ट्र विनाशी है, इसका भारतवासियों को बहिष्कार करना होगा। किसी भी परिस्थितियों में यज्ञ करें। गाजियाबाद डासना से पधारे स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अपने मूल धार्मिक यज्ञ, सात्विक दान और तप को छोड़ना हिंदुओं की दुर्गति का प्रमुख कारण है। गीता ने हमें बताया है कि यज्ञ से हमारे देवता पुष्ट होते हैं, हमें बल प्रदान करते हैं। किसी भी मानव को किसी भी स्थिति में यज्ञ, सात्विक, दान और अर्थात योग व युद्धकला का परित्याग नहीं करना चाहिए। महायज्ञ के मुख्य यज्ञमान की भूमिका समाजसेवी जोगेंद्र वर्मा व राजू सैनी ने निभाई। इस मौके पर वेदवीर ठेकेदार, संदीप जिंदल, अमित बंजारा, विनोद राठौर, दिनेश, चंदा आदि उपस्थित रहे।