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शीतलहर से कांपा जिला, पारा 0.2 डिग्री, जनजीवन बुरी तरह हो रहा प्रभावित
Fri, 28 Dec 2018 12:06 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Fri, 28 Dec 2018 12:06 AM IST
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घने के कोहरे के बीच बृहस्पतिवार सुबह शहर के शिवचौक क नजारा।
- फोटो : अमर उजाला
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जनपद में सर्दी का कहर कम नहीं हो रहा है। कई दिन से पड़ रही सर्दी जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। बाजार से रौनक गायब है। कई दिन से पारा शून्य डिग्री के नजदीक बना हुआ है। कड़ाके की ठंड में बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। बुजुर्गों के लिए भी यह मौसम मुसीबतें खड़ी कर रहा है। बृहस्पतिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम 18.9 डिग्री पर रहा। कई दिनों से तापमान की लगभग यही स्थिति बनी हुई है।
सुबह घना कोहरा छा जाता है और दिन चढ़ने के साथ हवा चलनी शुरू हो जाती है। शीतलहर से ठिठुरन और बढ़ जाती है। लगातार पड़ रही ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अवकाश नहीं हुआ है। बाजार का हाल भी बुरा है। सुबह 11 बजे तक दुकानें खुलती हैं और शाम होते ही सन्नाटा छा जाता है। ठंड के चलते बाजार में ग्राहक नहीं आ रहे हैं। इसलिए कारोबार प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड और कोहरा बच्चों और बुजुर्गों के लिए परेशानी भरी होती है।
बच्चे एक स्थान पर टिककर नहीं बैठते इसलिए ठंड की चपेट में आ जाते हैं। उन्हें न्यूमोनिया और विंटर डायरिया की चपेट में ले लेता है। उधर, स्वामी कल्याणदेव जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके अग्रवाल बताते हैं कि ठंड बच्चों को बहुत प्रभावित कर रही है। रोजाना बड़ी संख्या में न्यूूमोनिया और विंटर डायरिया के मरीज आ रहे हैं। बुजुर्गों के लिए भी यह ठंड जानलेवा है। कमजोरी के कारण बुजुर्ग सर्दी की चपेट में आ जाते हैं।
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श्वांस एवं दिल के मरीजों को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। कोहरा अधिक होने के कारण श्वांस लेने में परेशानी होने लगती है। फिजीशियन डा. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि ठंड अधिक होने के कारण हार्टअटैक के मामले बढ़ जाते हैं। दिल के मरीजों को सुबह घूमने से बचना चाहिए। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और सर्दी से बचाव करते रहे।
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सुबह घना कोहरा छा जाता है और दिन चढ़ने के साथ हवा चलनी शुरू हो जाती है। शीतलहर से ठिठुरन और बढ़ जाती है। लगातार पड़ रही ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अवकाश नहीं हुआ है। बाजार का हाल भी बुरा है। सुबह 11 बजे तक दुकानें खुलती हैं और शाम होते ही सन्नाटा छा जाता है। ठंड के चलते बाजार में ग्राहक नहीं आ रहे हैं। इसलिए कारोबार प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड और कोहरा बच्चों और बुजुर्गों के लिए परेशानी भरी होती है।
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बच्चे एक स्थान पर टिककर नहीं बैठते इसलिए ठंड की चपेट में आ जाते हैं। उन्हें न्यूमोनिया और विंटर डायरिया की चपेट में ले लेता है। उधर, स्वामी कल्याणदेव जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके अग्रवाल बताते हैं कि ठंड बच्चों को बहुत प्रभावित कर रही है। रोजाना बड़ी संख्या में न्यूूमोनिया और विंटर डायरिया के मरीज आ रहे हैं। बुजुर्गों के लिए भी यह ठंड जानलेवा है। कमजोरी के कारण बुजुर्ग सर्दी की चपेट में आ जाते हैं।
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श्वांस एवं दिल के मरीजों को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। कोहरा अधिक होने के कारण श्वांस लेने में परेशानी होने लगती है। फिजीशियन डा. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि ठंड अधिक होने के कारण हार्टअटैक के मामले बढ़ जाते हैं। दिल के मरीजों को सुबह घूमने से बचना चाहिए। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और सर्दी से बचाव करते रहे।