फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar: Sugar mill not expanded

29 साल में भी नहीं हुआ चीनी मिल का विस्तारीकरण

Thu, 06 Feb 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2020 11:57 PM IST
विज्ञापन
Muzaffarnagar: Sugar mill not expanded
रोहाना। 29 वर्ष बीत जाने के बाद भी रोहाना चीनी मिल का विस्तारीकरण नहीं हो सका है। जबकि मिल परिक्षेत्र में पेराई के लक्ष्य से अधिक खेतों में गन्ना उत्पादन हो रहा है, इसके चलते किसान आधे दाम पर गन्ना कोल्हुओं में बेचने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

1930 में अमृतसर से आकर मोना सरदार श्यामसिंह ने 300 बीघा जमीन खरीद कर 1933 में मिल का प्रथम पेराई सत्र प्रारम्भ किया था। मिल का नाम दि अमृतसर शुगर मिल्स रोहानाकलां रखा गया था। इनके बाबा की पैदाइश रोहाना कलां की थी। मिल की पेराई क्षमता 13 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन थी। 1983 में कांग्रेस शासनकाल में मंदी के समय मिल ने किसानों का गन्ना भुगतान करने में असमर्थता जताई, तो किसानों के प्रथम उग्र आंदोलन में जिलाधिकारी के आवास पर तोड़फोड़ हुई। रोहाना क्षेत्र के किसानों पर लाठीचार्ज कर जेल में डाला गया था। उस वक्त के विधायक स्व. धर्मबीर त्यागी की सूचना पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हस्तक्षेप के कारण उसी दिन रात 2 बजे जेल से किसानों रिहा किया गया था। अगले दिन गन्नेे का संपूर्ण भुगतान कर दिया।
विज्ञापन

इसके बाद मिल का अधिग्रहण कर मिल विस्तारीकरण का निर्णय लेकर उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम रखा गया। वर्ष 1990 में सपा मुखिया मुलायम सिंह की सरकार ने 25 करोड़ रुपये मंजूर किए और मिल विस्तारीकरण के लिए 325 बीघा जमीन का अधिग्रहण कर कार्य शुरु किया। किसानों के आंदोलन से विस्तारीकरण का कार्य अधर में लटक गया। जबकि नई चीनी मिल की पेराई क्षमता 35 हजार कुंतल प्रतिदिन तथा क्षेत्र को बिजली देने के लिए भी प्लांट लगाए जाने की योजना थी। इसी बीच खाड़ी युद्ध के संकट से मिल विस्तारीकरण की योजना दम तोड़ती गई और वर्ष 2010 में तत्कालीन मायावती सरकार ने आईपीएल को बेच दी। आईपीएल ने क्षेत्र में गन्नेे की उपलब्धता को देखते हुए 20 करोड़ रुपये की लागत से क्रेन बढ़ाकर पेराई 16 हजार क्विंटल प्रतिदिन की और किसानों की मांग पर मिल प्रशासन नई 5 पांच मेगावाट की टर्बाइन लगाकर चालू पेराई सत्र में 20 हजार प्रतिदिन की। उधर, मिल के प्रधान प्रबंधक लोकेश कुमार ने बताया कि अगले वर्ष 35 हजार कुंतल पेराई क्षमता के लिए एक प्रस्ताव हेड ऑफिस को भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed