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Muzaffarnagar: सांसद चंद्रशेखर पहुंचे शुकतीर्थ, संत बोले- सीएम के कार्यक्रम में की गई अनदेखी, 10 को समागम
Mon, 30 Jun 2025 09:15 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 30 Jun 2025 09:15 PM IST
सार
शुकतीर्थ पर सोमवार को नगीना सांसद चंद्रशेखर कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। यहां किसी प्रकार के टकराव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। तय हुआ कि 10 अगस्त को यहां संत समागम होगा।
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शुकतीर्थ में बंदगी करते पहुंचे नगीना सांसद चंद्रशेखर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शुकतीर्थ स्थित संत शिरोमणि सतगुरु रविदास सतगुरु समनदास आश्रम में सैकड़ों अनुयायियों ने पहुंचकर बंदगी की। नगीना सांसद चंद्रशेखर भी शामिल हुए। अनुयायियों ने कहा कि पिछले दिनों आश्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वीआईपी कार्यक्रम की वजह से वह गुरु बंदगी नहीं कर सके थे। संतों और अनुयायियों ने नाराजगी भी जताई। तय किया गया कि संत समनदास की पुण्यतिथि पर 10 और 11 अगस्त को अनुयायी जुटेंगे।
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शुकतीर्थ में मौजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को आश्रम में पहुंचे हजारों अनुयायियों ने हंगामा करते हुए कहा कि 11 जून को प्रदेश के मुख्यमंत्री आश्रम में पहुंचे थे। अव्यवस्थाओं के चलते काफी संख्या में ऐसे अनुयाई व भक्त गुरु की बंदगी के बिना ही लौट गए थे। साथ ही गुरु गद्दी से जुड़े अनेक संतो को भी सम्मान नहीं मिल था।
अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरू रविदास मिशन और अन्य संगठन के सदस्यों ने सतगुरु समनदास आश्रम में सोमवार को बंदगी का आह्वान किया था। सुबह यहां पर गुरु समनदास आश्रम से जुड़ी गद्दियों के संत, अनुयायी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता पहुंचे और गुरु बंदगी की।
अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरू रविदास मिशन और अन्य संगठन के सदस्यों ने सतगुरु समनदास आश्रम में सोमवार को बंदगी का आह्वान किया था। सुबह यहां पर गुरु समनदास आश्रम से जुड़ी गद्दियों के संत, अनुयायी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता पहुंचे और गुरु बंदगी की।
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हंगामे की रही स्थिति, गोरधन दास पर अनदेखी का आरोप
आश्रम के संत गोरधन दास महाराज पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर उन्होंने जिम्मेदार संतों से सलाह नहीं की। इसी को लेकर नाराजगी जताई गई। इसके बाद संतों का एक प्रतिनिधिमंडल नियुक्त किया गया। आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी महाराज, सतपालदास महाराज, गुलाबदास महाराज, मानदास महाराज, महात्मा ब्रजपालदास, महात्मा महीपालदास, प्रविन्द्र धारिया, महात्मा प्रेमदास, महात्मा मेघराज, महात्मा मेहरचन्ददास, महात्मा ज्ञानदास महाराज, महात्मा ज्ञानदास महाराज, महात्मा मेघराजदास, महात्मा तारादास, महात्मा सरदादास, कुलदीपदास, महात्मा ब्रिजेशदास शामिल किए गए। वे आश्रम में पहुंचकर संत गोरधन दास महाराज से मिला और उन्हें अनुयायियों की नाराजगी से अवगत कराया। गोरधन दास लोगों के बीच पहुंचे और कहा कि 10 अगस्त को चर्चा की जाएगी।
आश्रम के संत गोरधन दास महाराज पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर उन्होंने जिम्मेदार संतों से सलाह नहीं की। इसी को लेकर नाराजगी जताई गई। इसके बाद संतों का एक प्रतिनिधिमंडल नियुक्त किया गया। आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी महाराज, सतपालदास महाराज, गुलाबदास महाराज, मानदास महाराज, महात्मा ब्रजपालदास, महात्मा महीपालदास, प्रविन्द्र धारिया, महात्मा प्रेमदास, महात्मा मेघराज, महात्मा मेहरचन्ददास, महात्मा ज्ञानदास महाराज, महात्मा ज्ञानदास महाराज, महात्मा मेघराजदास, महात्मा तारादास, महात्मा सरदादास, कुलदीपदास, महात्मा ब्रिजेशदास शामिल किए गए। वे आश्रम में पहुंचकर संत गोरधन दास महाराज से मिला और उन्हें अनुयायियों की नाराजगी से अवगत कराया। गोरधन दास लोगों के बीच पहुंचे और कहा कि 10 अगस्त को चर्चा की जाएगी।
सांसद ने भी जताया रोष
सांसद चंद्रशेखर ने भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान अनुयायियों को हुई असुविधा व समाज के संतों को उचित सम्मान नहीं मिलने पर रोष प्रकट किया। उन्होंने संतों और अनुयायियों से कहा कि किसी प्रकार का मनमुटाव ना रखें और किसी भी समस्या का निस्तारण एक साथ बैठकर करें।
सांसद चंद्रशेखर ने भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान अनुयायियों को हुई असुविधा व समाज के संतों को उचित सम्मान नहीं मिलने पर रोष प्रकट किया। उन्होंने संतों और अनुयायियों से कहा कि किसी प्रकार का मनमुटाव ना रखें और किसी भी समस्या का निस्तारण एक साथ बैठकर करें।
टकराव की स्थिति को देखते हुए तैनात रही पुलिस
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के शामिल होने साथ ही कुछ अनुयाइयों और संतों में टकराव की आशंका के चलते प्रशासन अलर्ट रहा। मोरना, भोकरहेडी, शुकतीर्थ क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया। इस अवसर पर एडीएम वित्त गजेन्द्र सिंह, एसडीएम जानसठ जयेन्द्र सिंह, सीओ भोपा डॉ. रविशंकर मिश्र, नायब तहसीलदार विपिन कुमार मौजूद रहे।
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के शामिल होने साथ ही कुछ अनुयाइयों और संतों में टकराव की आशंका के चलते प्रशासन अलर्ट रहा। मोरना, भोकरहेडी, शुकतीर्थ क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया। इस अवसर पर एडीएम वित्त गजेन्द्र सिंह, एसडीएम जानसठ जयेन्द्र सिंह, सीओ भोपा डॉ. रविशंकर मिश्र, नायब तहसीलदार विपिन कुमार मौजूद रहे।
कौशांबी प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए : चंद्रशेखर
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि कौशांबी प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए। पुलिस के साथ मिलकर स्थानीय लोगों ने पथराव किया था। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं का उत्साह तोड़ने का काम किया गया तो कौशांबी में नहीं, बल्कि इस बार आंदोलन लखनऊ में किया जाएगा।
शुकतीर्थ में पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा कि पार्टी की ताकत बढ़ती देख दबाने का कार्य किया जा रहा है। उन्हें गलत तरीके से वहां जाने से रोका गया। कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वेापरि है। सड़कों पर उतरकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। कांवड़ मार्ग के प्रकरण में कहा गया कि माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। नफरत पैदा की जा रही है।
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आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि कौशांबी प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए। पुलिस के साथ मिलकर स्थानीय लोगों ने पथराव किया था। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं का उत्साह तोड़ने का काम किया गया तो कौशांबी में नहीं, बल्कि इस बार आंदोलन लखनऊ में किया जाएगा।
शुकतीर्थ में पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा कि पार्टी की ताकत बढ़ती देख दबाने का कार्य किया जा रहा है। उन्हें गलत तरीके से वहां जाने से रोका गया। कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वेापरि है। सड़कों पर उतरकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। कांवड़ मार्ग के प्रकरण में कहा गया कि माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। नफरत पैदा की जा रही है।
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