Muzaffarnagar: जानें कैसे हुई थी आसाराम बापू के रसोइये अखिल की हत्या, 10 साल बाद कैसे पकड़ा हत्यारोपी तामराज
जानसठ रोड निवासी अखिल गुप्ता दूध व्यवसायी थे। 2015 में गंगा प्लाजा स्थित दुकान से स्कूटर पर सवार होकर घर लौट रहे थे। महालक्ष्मी एनक्लेव के पास हमलावरों ने गोली मारकर अखिल की हत्या कर दी थी।
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आसाराम बापू के रसोइया अखिल गुप्ता की हत्या की साजिश रचने का आरोपी तामराज उर्फ ताम्रध्वज उर्फ महावीर को गुजरात पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नाम बदलकर रह रहा था। पुलिस को पिछले 10 साल से उसकी तलाश थी। दस साल पहले अखिल गुप्ता की हत्या की साजिश तामराज ने रची थी।
पुलिस ने प्रकरण में अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए थे। प्रकरण की सुनवाई मुख्य पॉक्सो कोर्ट में चल रही है। अभी तक सिर्फ एक गवाह की गवाही हुई है। गवाह पत्रकार विजय सैनी की गवाही अभी तक नहीं हो सकी है। सुनवाई के लिए 19 मार्च नियत है।
गुजरात के मुकदमे में गवाह था अखिल
सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पीड़िताओं का आरोप था कि वर्ष 1997 से 2006 के बीच आसाराम के आश्रम में यौन उत्पीड़न के समय रसोइये अखिल और उसकी पत्नी भी आश्रम में मौजूद थे। 20 अक्तूबर 2013 को गुजरात पुलिस विमान से दंपती को अहमदाबाद ले गई थी। लंबी पूछताछ के दौरान अखिल सरकारी गवाह बन गया था।
शहर निवासी अखिल गुप्ता वर्ष 1997 में संत आसाराम का भक्त बना था। कुछ दिन बाद ही आसाराम ने उसे अपना रसोइया बना लिया। आश्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर की सेवादार वर्षा से अखिल गुप्ता ने शादी कर ली थी। वर्ष 2008 में अखिल और वर्षा ने आश्रम छोड़ दिया था। इसके बाद वह शहर में ही रहकर दूध का व्यवसाय करने लगा था।