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सिकुड़ रही धमनियों से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा
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धने कोहरे में ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। लगातार पड़ रही कड़ाके की सर्दी से सेहत पर खराब असर पड़ रहा है। सामान्य व्यक्ति की धमनियां भी सिकुड़ रहीं हैं। ऐसे में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। दमा रोगियों की दिक्कतें बढृने लगी हैं। साथ ही बच्चों को भी विंटर डायरिया ने अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है।
क्षेत्र में कई दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डाक्टर लोकेश चंद गुप्ता बताते हैं कि ठंड के कारण धमनियां सिकुड़ जाती हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक एवं ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को नियमित जांच कराते रहना चाहिए। बुजुर्गों को बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंड और कोहरे के कारण दमा रोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। इसलिए इन्हेलर साथ रखें। खांसी, एलर्जी की परेशानी भी बढ़ जाती है।
डाक्टर वीके जौहरी बताते हैं कि सर्दी को लेकर बच्चे भी काफी संवेदनशील होते हैं। सर्दी आते ही निमोनिया, विंटर डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। बच्चों को सर्दी से बचाकर रखना चाहिए। ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। जहां तक संभव हो बच्चों को खुले में न निकलने दें।
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पशुओं को दें गुड़, अजवाइन और सोंठ
मुजफ्फरनगर। सर्दी का सितम न केवल मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है बल्कि पशुओं की सेहत भी बिगाड़ रहा है। सर्दी लगने से पशु दस्त, बुखार आदि बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर नरेंद्र शर्मा बताते हैं कि पशुओं को अजवाइन, गुड़, सोंठ और हल्दी का पानी पकाकर दें। यह उन्हें सर्दी से बचाएगा। पशुओं के नीचे गन्ने की पत्ती या पुआल डाल दें। गीली होने पर उसे तुरंत हटा दें। पुआल या पत्ती रोजाना बदलते रहें तो ज्यादा अच्छा रहेगा।
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क्षेत्र में कई दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डाक्टर लोकेश चंद गुप्ता बताते हैं कि ठंड के कारण धमनियां सिकुड़ जाती हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक एवं ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को नियमित जांच कराते रहना चाहिए। बुजुर्गों को बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंड और कोहरे के कारण दमा रोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। इसलिए इन्हेलर साथ रखें। खांसी, एलर्जी की परेशानी भी बढ़ जाती है।
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डाक्टर वीके जौहरी बताते हैं कि सर्दी को लेकर बच्चे भी काफी संवेदनशील होते हैं। सर्दी आते ही निमोनिया, विंटर डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। बच्चों को सर्दी से बचाकर रखना चाहिए। ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। जहां तक संभव हो बच्चों को खुले में न निकलने दें।
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पशुओं को दें गुड़, अजवाइन और सोंठ
मुजफ्फरनगर। सर्दी का सितम न केवल मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है बल्कि पशुओं की सेहत भी बिगाड़ रहा है। सर्दी लगने से पशु दस्त, बुखार आदि बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर नरेंद्र शर्मा बताते हैं कि पशुओं को अजवाइन, गुड़, सोंठ और हल्दी का पानी पकाकर दें। यह उन्हें सर्दी से बचाएगा। पशुओं के नीचे गन्ने की पत्ती या पुआल डाल दें। गीली होने पर उसे तुरंत हटा दें। पुआल या पत्ती रोजाना बदलते रहें तो ज्यादा अच्छा रहेगा।