मुजफ्फरनगर: दुष्कर्म के मामले में फैसला न करने पर दर्ज कराया फर्जी मुकदमा, वार्ड ब्वाय सहित दो गिरफ्तार
मोहम्मद खालिद ने आफताब के कंधे के पास फर्जी चोट का घाव बनाकर गोली का छर्रा आदि लगाना दर्शा दिया। वार्ड ब्वाय ने सिरिंज से आफताब का कुछ ब्लड निकाल कर उसे एक शीशी में कर दे दिया। उसे जंगल में घटनास्थल पर गिराने की सलाह दी।
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मुजफ्फरनगर जनपद के भोपा में दबाव बनाने के बाद भी दुष्कर्म के मामले में फैसला न करने पर आरोपी पक्ष ने हत्या के प्रयास की फर्जी घटना बनाकर मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने इस मामले में घायल होने का ड्रामा करने वाले युवक व फर्जी मेडिकल कराने वाले भोपा सामुदायिक स्वास्थ्य के वार्ड ब्वाय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीस हजार रुपये, सर्जिकल उपकरण, शरीर सुन्न करने की दवाई, घायल का कुर्ता आदि सामान बरामद किया है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 6 जून को थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने गांव के ही रहने वाले आरोपी मुजम्मिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी की जमानत खारिज हो गई थी।
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27 जुलाई को आरोपी मुजम्मिल का भाई अम्मार, आफताब व एक रिश्तेदार उस्मान भोपा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। जहां उन्होंने फर्जी चोट बनवाकर गोली लगी दर्शाने की बात वार्ड ब्वाय मोहम्मद खालिद से की। इस दौरान कुछ अन्य लोगों भी मौजूद रहे। खालिद व अन्य को 55 हजार रुपये दिए गए।
कुछ देर बाद अम्मान, आफताब और उस्मान योजना के अनुसार गांव के जंगल स्थित अपने खेत पर पहुंचे और अवैध तमंचे से हवाई फायर किया। सूचना देने पर पुलिस पहुंची। घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया।
मामले में अम्मार ने गांव के ही गुल शनव्वर व उसके भाई साबिर व एक अन्य के विरुद्ध घटना करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा कायम करने के बाद आरोपियों ने गुल शनव्वर आदि से मुकदमे में फैसला करने के नाम पर पचास हजार रुपये वसूल लिए। पांच लाख की रंगदारी भी मांगी।
फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कर वार्ड ब्वाय मोहम्मद खालिद और आफताब को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अदालत मेरठ में पेश किया है। जिस तमंचे से फायर किया गया। उसकी तलाश की जा रही है।
शुरू से ही लग रहा था मामला संदिग्ध
एसएसपी ने कहा कि मामला शुरू से ही संदिग्ध लग रहा था। घायल का तीन डॉक्टर के पैनल से मेडिकल कराया गया। जिसमें मामला फर्जी पाया गया। जिस डॉक्टर से फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की उसके बारे में जांच शुरू कराई है।
भाकियू नेता भी प्रकाश में आया
एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि इस मामले में भाकियू नेता बिटटू प्रधान भी जांच में प्रकाश में आया है। उसके व जांच में प्रकाश में आने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरी परीक्षण करने वाले डॉक्टर की भी जांच शुरू
सीएचसी प्रभारी डॉक्टर प्रणव तेवतिया ने बताया कि डॉक्टरी परीक्षण के दौरान जिस डॉक्टर की ड्यूटी थी उसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके उपरांत आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।