Muzaffarnagar: धर्मांतरण मामला... मुंबई में मोहन भागवत से मिला था कलीम, सना खान के निकाह में उछला नाम
उम्रकैद की सजा पाने वाला मौलाना कलीम सिद्दीकी मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से भी मिला था। मौलाना कलीम को फुलत आकर निमंत्रण दिया गया था।
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मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट में सचिव हाफिज इदरीश कुरैशी भी मामले में आरोपी थे, लेकिन उन्हें स्टे मिल गया था। बचाव पक्ष ने सभी 17 आरोपियों के स्टे के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, लेकिन सिर्फ इदरीश को ही राहत मिली थी।
फुलत के समृद्ध किसानों में शामिल रहे मोहम्मद अमीन सिद्दीकी ने दूसरा निकाह जुबैदा से किया था। इनके बेटे अलीम, सलीम, कलीम और हलीम हैं। कलीम अहमद पढ़ाई में तेज था और बाद में मौलाना कलीम सिद्दीकी बन गया। पिछले 15 साल से मौलाना का परिवार दिल्ली के शाहीन बाग में रह रहा है। उसका बड़ा बेटा अहमद सिद्दीकी गांव की जमीन और मदरसे का संचालन करता है, जबकि दूसरा बेटा असजद सिद्दीकी दिल्ली में रहता है।
मौलाना कलीम सिद्दीकी और सलीम पर दोष सिद्ध हो जाने के बाद बुधवार को लोगों की नजर दिनभर लखनऊ से आने वाले फैसले पर टिकी रही। मदरसे में भी लोगों की आवाजाही रही। लोगों में यह उत्सुकता रही कि मौलाना को कितनी सजा हुई है। स्टे पर चल रहा आरोपी इदरीश कुरैशी गांव में लोगों से मिला।
चरथावल का रहने वाला अमित प्रजापति इन दिनों सऊदी अरब में रहकर काम कर रहा है। मौलाना पर धर्मांतरण कराने के मामले में वह सुर्खियों में आया था। उसका कहना है कि जो उस पर बीती थी, वही जानता है। मदरसे में रहने के दौरान उसने देखा कि किस तरह भ्रम जाल बनाया गया है। सीधे-साधे लोगों को बहकाकर लाया जाता था और उन्हें अलग-अलग तरीकों से धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता था। पसंद की लड़की से शादी कराने के झांसे में आकर अमित फंस गया था।
एसएसपी अभिषेक सिंह की निगरानी में हुई थी गिरफ्तारी
एसएसपी अभिषेक सिंह की निगरानी में ही मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी हुई थी। उन दिनों एसएसपी एटीएस में कार्यरत थे। उनका कहना है कि सटीक सूचना के आधार पर एटीएस ने गिरफ्तारी की थी।
मौलाना कलीम सिद्दीकी ग्लोबल पीस सेंटर का अध्यक्ष रहा। इसके अलावा जमीयत-ए-वलीउल्लाह ट्रस्ट का भी अध्यक्ष है। एटीएस की जांच में खुलासा हुआ था कि वह कई मदरसों को फंडिंग भी करता है, जिसके लिए उसे विदेशों से भारी धनराशि हवाला के जरिए भेजी जाती है।
लोदी काल के मदरसे को छोड़ अपना मदरसा शुरू किया
गांव फुलत में स्थापित प्राचीन मदरसा फैजुल इस्लाम सिकंदर लोदी काल का बताया जाता है। उनके धर्मगुरु माने जाने वाले मुल्ला यूसुफ नासिही फुलत आए और बच्चों को पढ़ाया था। वर्ष 1987 में फुलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी देखभाल करने के नाते इस मदरसे से जुड़े थे। बाद में ऐतिहासिक मदरसे के पास ही अपना जामिया इमाम वलीउल्लाह इस्लामिया की शुरुआत की थी। प्रदेश के अलावा कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार व झारखंड के भी छात्र यहां पढ़ते हैं।
इन मामलों से सुर्खियों में आया था मदरसा
- नैनीताल निवासी नितिन पंत ने आरोप लगाया था कि धर्मांतरण के तार फुलत मदरसे से जुड़े हैं। पुलिस को बताया था कि वर्ष 2010 में वह नौकरी की तलाश में राजस्थान के भिवाड़ी गया, जहां से उसे मेवात ले जाया गया। मेवात में धर्मांतरण करा दिया। इसके बाद उसे फुलत भी ले जाया गया था।
- मौलाना कलीम सिद्दीकी का मदरसा जामिया इमाम वलीउल्लाह इस्लामिया में पुलिस ने सर्च अभियान चलाया था। अगस्त 2014 को मेरठ क्षेत्र की एक युवती लापता हो गई थी। लापता युवती की एक सहेली ने पुलिस को सूचना दी थी कि सहेली को नौकरी देने के बहाने बुलाकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया है और उसे फुलत के जामिया इमाम वली उल्लाह इस्लामिया मदरसे में बंधक बनाकर रखा गया था। इस वजह से यहां तलाश की गई, लेकिन युवती बाद में मुकर गई थी।