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Muzaffarnagar: जेल के बाहर ठेलों पर लिया जा रहा पिटाई से बचाने, गिनती कटवाने और सुविधा दिलाने का ठेका

Thu, 10 Apr 2025 12:24 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Thu, 10 Apr 2025 12:24 AM IST
सार

डीजी जेल पीवी रामा शास्त्री ने 4 अप्रैल को जेल का निरीक्षण किया था। शामली की अनीसा ने बताया था कि उसका देवर मुसव्वर जेल में है। गिनती कटवाने के नाम पर 21 हजार की मांग की जा रही है। जांच हुई तो मामला खुल गया। दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

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Muzaffarnagar: Contracts are being taken on carts outside the jail to save people from being beaten
जेल में बंदियों के परिजनों से बात करते डीजी जेल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बंदियों को जेल में सुविधा दिलाने, पिटाई से बचाने और गिनती कटवाने का झांसा देने का खेल कारागार के मुख्य गेट और पुलिस चौकी के पास चलता रहा, लेकिन पुलिस का सूचना तंत्र फेल साबित हुआ। शामली के बंदी की भाभी ने डीजी जेल पीवी रामा शास्त्री से शिकायत की तो जांच शुरू हुई। जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने एक नामजद समेत दो आरोपियों के खिलाफ नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पिटीशन राइटर का ठेका भी निरस्त कर दिया गया।
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डीजी जेल पीवी रामा शास्त्री ने चार अप्रैल को जिला कारागार का निरीक्षण किया था। उन्होंने बंदियों से मिलाई करने आए परिजनों से बातचीत की थी। शामली जिले के थाना झिंझाना के गांव जिजौला निवासी अनीसा ने डीजी को बताया था कि उसका देवर मुसव्वर एनडीपीएस एक्ट में बंद है।
 
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जेल में गिनती कटवाने के नाम पर 21 हजार रुपये की मांग की जा रही है। डीजी ने महिला से शिकायती पत्र लिया था। डीजी ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ को जांच के आदेश दिए थे। जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने कारापाल यशकेंद्र यादव से शिकायत की जांच कराई।
 
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कारापाल ने रिपोर्ट देकर बताया कि जेल के गेट पर लगाए गए बैरियर से बाहर कुछ लोगों ने फलों, सब्जियों के ठेले और फोटो स्टेट करने की व्यवस्था की है। ये लोग जेल में बंद बंदियों से मिलने आने वाले उनके परिजनों से संपर्क करते हैं। बंदियों से मिलाने में मदद, बंदी को जेल में पिटाई से बचाने समेत अन्य सुविधा दिलाने का झांसा देकर उनसे अवैध वसूली करते हैं। इनमें फबी और एक अन्य व्यक्ति जेल के बाहर अधिकतर देखा गया है। 
जेल अधीक्षक ने बताया कि कारापाल की रिपोर्ट पर अवैध वसूली का मामला साफ होने पर उन्होंने फबी व एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
 

सवाल उठे तो 10 साल बाद रद्द हुआ ठेका
जेल अधीक्षक ने बताया कि पिछले दस साल से मुलाकातियों की ऑनलाइन पर्ची बनाने का कार्य ठेके पर कराया जा रहा था। उन्होंने इस ठेके को रद्द कर दिया है। 
व्हाट्सएप पर आते थे फोटो, लगती थी बोली
जेल के बाहर कई सालों से कुछ लोग परिजनों से पहले ही दिन व्हाट्सएप पर फोटो मंगाकर उनकी मुलाकाती पर्ची बनवाने का काम कर रहे थे। ठेले लगाकर खड़े लोग मुलाकाती पर्ची बनवाने के लिए आवाज लगाते रहते थे। डीजी से अवैध वसूली की शिकायत होने के बाद सभी ठेलों को हटा दिया गया।
 

देखिए, पुलिस फबी का नाम जानती है, पता नहीं
जेल के सामने जिस जमीन पर ठेले लगते थे, वह जेल के मुख्य गेट के परिसर के अंदर है। दस कदम पर पुलिस चौकी भी है। इसी स्थान से अवैध वसूली का धंधा चलना जांच में सामने आया। यहां पिछले कई साल से ठेले पर लोग काम करते रहे हैं। अब इन लोगों की भूमिका पर सवाल उठा है। सवाल है कि अब तक ये लोग यहां पर किसके इशारे पर ठेले लगाए हुए थे। दलाल कैसे काम कर रहे थे। जिस फबी को मुकदमे में नामजद कराया गया, वह कौन है, कहां रहता है। कहां से आता है। उसकी व दूसरे आरोपी के बारे में किसी को जानकारी नहीं है।
 

शाहनवाज राना फंसे तो खुला खेल
जिला कारागार में पूर्व विधायक शाहनवाज राना से मोबाइल बरामद होने के बाद रोज नई कहानी सामने आ रही है। लापरवाही पर हेड वार्डन रामरूप को निलंबित किया गया था। डीजी आए तो महिला ने उनसे शिकायत की। इसके बाद जांच में यह खेल पकड़ा गया।
 

जेल अधीक्षक बोले... 
अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई थी। दो लोगों के बारे में जानकारी मिली, उनके खिलाफ नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
-अभिषेक सिंह, जेल अधीक्षक।

 
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