मुजफ्फरनगर: डेढ़ साल में ही अमीर आलम और नवाजिश आलम ने छोड़ी आसपा, बोले- नहीं मिल रहा था सम्मान
पूर्व सांसद अमीर आलम और पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने करीब डेढ़ साल बाद आसपा छोड़ दी है। नवाजिश आलम ने कहा कि उन्हें पार्टी में सम्मान नहीं मिल रहा था।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान ने आजाद समाज पार्टी (आसपा) छोड़ दी है। दोनों करीब डेढ़ साल पहले राष्ट्रीय लोकदल छोड़कर आसपा में शामिल हुए थे। पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी में सम्मान नहीं मिल रहा था।
दो फरवरी 2025 को आसपा में शामिल हुए थे
पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान करीब आठ साल तक रालोद का हिस्सा रहे। इसके बाद पिछले साल दो फरवरी को शामली के गढ़ीपुख्ता में आयोजित कार्यक्रम में दोनों आसपा में शामिल हुए थे। आसपा में शामिल होने के करीब डेढ़ साल बाद अब पिता-पुत्र ने पार्टी से अलग होने का फैसला किया है। नवाजिश आलम ने इसकी पुष्टि करते हुए पार्टी में सम्मान नहीं मिलने की बात कही है।
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मूलरूप से गढ़ीपुख्ता के रहने वाले पूर्व सांसद अमीर आलम का परिवार पिछले चार दशक से राजनीति में सक्रिय है। परिवार की राजनीतिक गतिविधियों का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबा सफर रहा है।
नवाजिश आलम ने 2017 में लड़ा था चुनाव
पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने वर्ष 2017 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मीरापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पिता-पुत्र ने वर्ष 2018 में रालोद का दामन थाम लिया था।
रालोद में रहते हुए टिकट के लिए किया था दावा
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव, 2022 के विधानसभा चुनाव और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में अमीर आलम और नवाजिश आलम ने मुजफ्फरनगर और शामली की अलग-अलग सीटों से टिकट के लिए दावा किया था। हालांकि, रालोद की ओर से उन्हें चुनाव नहीं लड़ाया गया।
डेढ़ साल बाद फिर बदला राजनीतिक ठिकाना
रालोद में करीब आठ साल रहने के बाद अमीर आलम और नवाजिश आलम ने दो फरवरी 2025 को आसपा का रुख किया था। अब करीब डेढ़ साल बाद दोनों ने आसपा भी छोड़ दी है। नवाजिश आलम के अनुसार, पार्टी में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा था।