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शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उपाय किये जाएं: दिव्या

Fri, 11 Feb 2022 10:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Feb 2022 10:30 PM IST
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Measures should be taken to reduce infant-maternal deaths: Divya
शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उपाय किये जाएं: दिव्या
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मुजफ्फरनगर। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ परिवार नियोजन की योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, कुल प्रजनन दर, जन्म के समय लिंग अनुपात, बाल लिंग अनुपात समेत कई बिंदुओं पर गौर करना बेहद जरूरी है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ दिव्या वर्मा का कहना है कि मातृ एवं शिशु मत्यु को कम करने के लिए परिवार नियोजन की विशेष भूमिका है। परिवार नियोजन द्वारा अनचाहे गर्भ एवं गर्भ से संबंधित जटिलताओं को कम करने से 30 प्रतिशत तक मातृ मत्यु दर कम हो सकती है। उन्होंने बताया कि 20 वर्ष से कम उम्र में गर्भधारण करने के कारण मां को होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं एवं खतरे हो सकते हैं, जिनमें गर्भपात, प्रसवपूर्व अधिक रक्तस्राव, झिल्लियों का समय से पहले फटना, बच्चेदानी में संक्रमण, उच्च रक्तचाप, बाधित प्रसव आदि शामिल हैं। इस कारण 15 साल से कम उम्र में यह खतरा पांच गुना जबकि 20 साल से कम उम्र में दो गुना बढ़ जाता है। परिवार नियोजन द्वारा शिशु मृत्यु दर की रोकथाम भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सही उम्र में गर्भधारण यानि 20 वर्ष से अधिक उम्र, बच्चों में तीन साल का अंतर, गर्भपात की अवस्था में दोबारा गर्भवती होने में कम से कम छह माह का अंतराल रखा जाए, तो परिवार नियोजन गर्भावस्था की जटिलताओं मातृ और शिशु मत्यु दर को कम किया जा सकता है।
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