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चिह्नित किए मकान और दुकान, लगाए गए लाल निशान
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जानसठ। कस्बे से होकर गुजरने वाले पानीपत-खटीमा मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। दुकानों और भवनों पर निशान लगाए गए हैं। वकीलों और दस्तावेज लेखकों के चेंबर भी निर्माण की जद में हैं।
एनएचएआई अधिकारी राजन पांडेय ने बताया कि मुजफ्फरनगर बाईपास से लेकर मीरापुर मोंटी मिलियन तक हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। जानसठ कस्बे के भीतर से हाइवे बनाने के लिए सड़क के मध्य से दोनों ओर संभावित 70 फुट से 80 फीट तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। निर्माण की जद में आने वाले मकान, निजी दुकानें और निजी होटल भी ढहाए जाएंगे।
मुआवजा देने के बाद ही भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। तहसील के अंदर बना अधिवक्ताओं का भवन भी हाईवे में जा सकता है। तहसील के सामने कुछ दस्तावेज लेखकों और वकीलों के चेंबर भी निर्माण की जद में आ रहे हैं। सोमवार को पैमाइश कर निशान भी लगाए थे।
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एनएचएआई अधिकारी राजन पांडेय ने बताया कि मुजफ्फरनगर बाईपास से लेकर मीरापुर मोंटी मिलियन तक हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। जानसठ कस्बे के भीतर से हाइवे बनाने के लिए सड़क के मध्य से दोनों ओर संभावित 70 फुट से 80 फीट तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। निर्माण की जद में आने वाले मकान, निजी दुकानें और निजी होटल भी ढहाए जाएंगे।
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मुआवजा देने के बाद ही भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। तहसील के अंदर बना अधिवक्ताओं का भवन भी हाईवे में जा सकता है। तहसील के सामने कुछ दस्तावेज लेखकों और वकीलों के चेंबर भी निर्माण की जद में आ रहे हैं। सोमवार को पैमाइश कर निशान भी लगाए थे।
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