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Muzaffarnagar News: देखिए श्रीमान ...यहां सड़कों पर अब भी घूम रहे निराश्रित पशु
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रतनपुरी क्ष्रेत्र में खेतों में बेसाहारा गौवंश का झुड।
- किसानों को रात में देना पड़ रहा पहरा, फसलों को कर रहे नुकसान
- शासन ने 31 मार्च तक सड़कों को गोवंश मुक्त करने के दिए थे निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। शासन ने 31 मार्च तक सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में भिजवाने के आदेश दिए थे। मगर, जिले की सड़कों और खेतों में अब भी निराश्रित पशु घूम रहे हैं। किसानों को रात में पहरा देना पड़ रहा है।
निराश्रित पशुओं के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिले में संचालित 59 गोशालाओं में करीब 3074 पशु हैं। पिछले महीने ही अभियान चलाकर गोवंशीय पशुओं को गोशालाओं में शिफ्ट करने की रणनीति तैयार की गई थी। जिले के लिए करीब 6317 पशुओं का लक्ष्य था।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार का कहना है कि इसके सापेक्ष करीब 6600 पशु गोशालाओं में भेजे गए हैं। उधर, अब भी सड़कों पर बहुतायत में पशु घूम रहे हैं, जिससे किसानों और आमजन को मुश्किलें उठानी पड़ रही है।
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सुपुर्दगी में दिए गए 1948 पशु
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिले में पशुपालकों को 1948 पशु सुपुर्दगी में दिए गए हैं। 1074 पशु पुरानी गोशालाओं में है।
गोशालाओं में अधिकतर पशु
अधिकतर पशु गोशालाओं में है। क्षेत्र पंचायत और नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्र में पशु गोशालाओं में भिजवाए हैं। शासन की तरफ से अभी कोई रिपेार्ट नहीं मांगी गई है। - डॉ. दिनेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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- शासन ने 31 मार्च तक सड़कों को गोवंश मुक्त करने के दिए थे निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। शासन ने 31 मार्च तक सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में भिजवाने के आदेश दिए थे। मगर, जिले की सड़कों और खेतों में अब भी निराश्रित पशु घूम रहे हैं। किसानों को रात में पहरा देना पड़ रहा है।
निराश्रित पशुओं के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिले में संचालित 59 गोशालाओं में करीब 3074 पशु हैं। पिछले महीने ही अभियान चलाकर गोवंशीय पशुओं को गोशालाओं में शिफ्ट करने की रणनीति तैयार की गई थी। जिले के लिए करीब 6317 पशुओं का लक्ष्य था।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार का कहना है कि इसके सापेक्ष करीब 6600 पशु गोशालाओं में भेजे गए हैं। उधर, अब भी सड़कों पर बहुतायत में पशु घूम रहे हैं, जिससे किसानों और आमजन को मुश्किलें उठानी पड़ रही है।
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सुपुर्दगी में दिए गए 1948 पशु
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिले में पशुपालकों को 1948 पशु सुपुर्दगी में दिए गए हैं। 1074 पशु पुरानी गोशालाओं में है।
गोशालाओं में अधिकतर पशु
अधिकतर पशु गोशालाओं में है। क्षेत्र पंचायत और नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्र में पशु गोशालाओं में भिजवाए हैं। शासन की तरफ से अभी कोई रिपेार्ट नहीं मांगी गई है। - डॉ. दिनेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी