{"_id":"5eb2f2d88ebc3e9062520d6a","slug":"liquor-stocks-run-out-khatauli-news-mrt4806892124","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेकों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, शराब का स्टॉक खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, शराब का स्टॉक खत्म
विज्ञापन
ठेकों में सोशल डिस्टेंस का पालन, शराब का स्टॉक खत्म
मुजफ्फरनगर, जानसठ। क्षेत्र में शराब के ठेकों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। हालांकि ठेकों में शराब का स्टॉक खत्म होने के कारण काफी लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बुधवार को दूसरे दिन भी समय पर शराब के ठेके खुले। कुछ ठेकों में स्टॉक था, इसलिए लोगों ने लाइन लगाकर शराब खरीदी। लोगों ने लाइन में खड़े होकर ठेकों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर शराब खरीदी।
शासन के निर्देश पर मंगलवार को शराब के ठेके खोलने की अनुमति प्रशासन से मिली। सेल्समैनों ने सुबह सवेरे ठेकों के सामने ग्राहकों को लाइन में खड़े होने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए गोल घेरे बनाए । लोगों ने गोल घेरों में खड़े होकर शराब खरीदी। बुधवार को भी सुबह दस बजे शराब के ठेके खुले। शराब लेने वालों की सुबह से ही ठेकों पर लाइन लग गई । कुछ ही ठेकों में शराब मिली। बाकी ठेकों पर शराब का स्टॉक खत्म हो गया। इन ठेकों से लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ गया।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, जानसठ। क्षेत्र में शराब के ठेकों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। हालांकि ठेकों में शराब का स्टॉक खत्म होने के कारण काफी लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बुधवार को दूसरे दिन भी समय पर शराब के ठेके खुले। कुछ ठेकों में स्टॉक था, इसलिए लोगों ने लाइन लगाकर शराब खरीदी। लोगों ने लाइन में खड़े होकर ठेकों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर शराब खरीदी।
शासन के निर्देश पर मंगलवार को शराब के ठेके खोलने की अनुमति प्रशासन से मिली। सेल्समैनों ने सुबह सवेरे ठेकों के सामने ग्राहकों को लाइन में खड़े होने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए गोल घेरे बनाए । लोगों ने गोल घेरों में खड़े होकर शराब खरीदी। बुधवार को भी सुबह दस बजे शराब के ठेके खुले। शराब लेने वालों की सुबह से ही ठेकों पर लाइन लग गई । कुछ ही ठेकों में शराब मिली। बाकी ठेकों पर शराब का स्टॉक खत्म हो गया। इन ठेकों से लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ गया।
विज्ञापन