फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Life was in danger due to gas leak, demand for removal of warehouse elsewhere

गैस रिसाव से जिंदगी पड़ गई थी खतरे में, गोदाम को अन्यत्र हटवाने की मांग की

Fri, 30 Jul 2021 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 12:09 AM IST
विज्ञापन
Life was in danger due to gas leak, demand for removal of warehouse elsewhere
नई मंडी क्षेत्र में देर रात गैस रिसाव से क्षतिग्रस्त ड्रम। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
गैस रिसाव से जिंदगी पड़ गई थी खतरे में, गोदाम को अन्यत्र हटवाने की मांग की
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। नई मंडी के माल रोड स्थित केमिकल गोदाम से बुधवार की रात हुए गैस रिसाव की घटना से आसपास रहने वाले लोगों में अभी भी दहशत है। उनका कहना है कि गैस रिसाव होने से उनकी सांस उखड़ने लगी थी। लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। इस स्थान से दूर जाकर कहीं राहत मिली। लोगों ने इस संबंध में नई मंडी कोतवाली पर तहरीर देकर कार्रवाई कराने और गोदाम को यहां से हटवाने की मांग की है। उधर, राजस्व विभाग ने मौके पर जाकर गोदाम के मैनेजर से हादसे की जानकारी ली है. जिसकी रिपोर्ट एसडीएम को दी जाएगी।
नई मंडी के माल रोड पर स्थित राजदा केमिकल गोदाम में गैस रिसाव की घटना बुधवार देर रात हुई थी। गोदाम में गुड़, पेपर मिल में प्रयोग होने वाला केमिकल सेफोलाइट पपड़ी और हाइड्रो पाउडर का भंडारण होता है। दिल्ली निवासी पवन कात्यान इस गोदाम के मालिक हैं। मैनेजर महेश चौहान यहां पूरा कारोबार संभालते हैं। गुजरात के बड़ौदरा से उक्त केमिकल मंगवा कर पूरे प्रदेश में इसकी सप्लाई होती है। गोदाम जहां बनाया है, वह मकान जर्जर हो चुका है। सेफोलाइट पपड़ी पानी के संपर्क में आकर क्रियाशील हो जाती है। जर्जर मकान में पानी टपकने के कारण बुधवार रात को गैस रिसाव के कारण हादसा हुआ। गैस का रिसाव होने से आसपास में रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। पड़ोसी महेश मित्तल ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी।
विज्ञापन

सूचना पर दमकल विभाग की टीम ने आकर गैस रिसाव को काबू में किया। पानी पड़ने से करीब 20 ड्रम केमिकल के खराब हो गए। गैस रिसाव की घटना से अभी भी पड़ोसी भयभीत है। महेश मित्तल की पत्नी उमा मित्तल ने बताया कि गैस जमीन में फैली हुई थी। फिर भी सांस लेने में परेशानी हो रही है। सांस उखड़ने को थी, तभी घरों से बाहर आकर पुलिस को खबर दी। कमल ने बताया कि अचानक गैस रिसाव होने से कुछ समझ में नहीं आया। यहां से स्टेशन की ओर गए, तब जाकर राहत मिली। पड़ोसी जितेंद्र जैन इस संबंध में थाने में तहरीर दी है। उनके बेटे समक्ष जैन ने बताया कि भवन जर्जर हो गया है। हमारे मकान को भी खतरा है। गैस की गंध अभी भी महसूस हो रही है। पड़ोसी अमन गोयल का कहना है कि कई सालों से चल रहा यह गोदाम यहां से प्रशासन को हटवाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

फायर ब्रिगेड में कोई पंजीयन नहीं
मुजफ्फरनगर। सीएफओ रमाशंकर तिवारी ने बताया कि सोडियम हाइड्रो ऑक्साइड केमिकल पर पानी पड़ने से क्लोरीन गैस निकली थी, जो हवा से भारी होने के कारण जमीन पर ही रही, मगर यह गैस बहुत घातक है, जिसमें दम घुटने से मौत हो सकती है। करीब तीन दशक से यह गोदाम बस्ती के बीच चल रहा है, जिसका फायर ब्रिगेड में कोई पंजीयन नहीं है। इस संबंध में एडीएम प्रशासन और सिटी मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेज कर गोदाम को शहर से बाहर भेजने की संस्तुति की गई है। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने बताया कि गैस रिसाव के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed