यूपी के इस जिले में दो साल का होते ही बच्चों को घेर लेती है अजीब बीमारी, स्वास्थ्य विभाग अनजान
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महरूम के पैरों की एड़ी करीब तीन से चार इंच पीछे की ओर अधिक बढ़ी हुई है। शाहरुख के पिता ने बताया कि वह पैदा होने के बाद चार साल तक ठीक रहा। लेकिन जैसे उसकी उम्र बढ़ती चली गई, वह शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होता चला गया। सात वर्षीय आफिया पुत्री अमीर जहां को अजीबोगरीब बीमारी ने जकड़ रखा है।
आफिया जहां भी खड़ी होती है, वह हिलने लगती है। उसको रात में सुलाने के लिए माता-पिता को मेहनत करनी पड़ती है। वहीं 14 वर्षीय नूरजहां पुत्री अफसर अली के हाथ और पैर ठीक प्रकार से काम नहीं कर पाते। जुबान भी बेजान हो चली है। 12 वर्षीय हीरा पुत्र वसलुदीन का बीमारी की वजह से सिर छोटा होता चला जा रहा है और शरीर बढ़ रहा है।
गांव के अफसर अली, मोहसिन, सबदर अली, महमूद, सलीम, शमशुदीन, मुमत्याज, असगर, अफजाल, फरमान, शब्बू, नजीम, फजलू आदि ने जिलाधिकारी कुमारी सेल्वा जे से गांव में फैल रही इस भयानक बीमारी से निजात दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
जिंदगी जीने को संघर्ष कर रहे हैं बीमार बच्चे
गांव के युवा समाजसेवी सेवन ने बताया कि यह गांव गंगा खादर की सोनाली नदी की ढांग पर बसे हुए करीब 200 वर्ष हो चुके हैं। गांव में वर्षों पहले जाट, कश्यप, मल्लाह, मेव, कलंदर आदि बिरादरी के लोग परिवारों के साथ रहते थे।
गंगा खादर में खेती करने वाले इन ग्रामीणों ने खेतों पर मकान आदि बनाकर रहने लगे। आज गांव में मेव बिरादरी के करीब 75 परिवार ही शेष बचे हैं। गांव में 475 करीब की आबादी है। कई बच्चे और युवा बीमारियों के शिकार बनकर जिंदगी जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।