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पति की हत्या में पत्नी को प्रेमी समेत उम्रकैद
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पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास
मुजफ्फरनगर। पति की हत्या के मामले में अदालत ने महिला बबीता और उसके प्रेमी संत कुमार को दोषी करार देते हुए दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।दोनों अभियुक्तों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुरकाजी थाने पर कैल्लनपुर धमात निवासी विनोद ने 12 अक्तूबर 2016 को पप्पू की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई पप्पू 11 अक्तूबर 2016 की रात में लगभग 11 बजे घर से खेत पर गया था। देर रात तक भी उसके लौटकर नहीं आने पर अनहोनी की चिंता सताने लगी। तलाश करने पर उसका शव रात एक बजे घर के पास गंगनहर की पटरी पर मिला, जिसकी गला काट कर हत्या कर की गई थी। पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने जांच में मृतक की पत्नी बबीता और उसके प्रेमी संत कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत संख्या- 7 में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह ने 12 लोगों की गवाही कराई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त बबीता और उसके प्रेमी संत कुमार को पप्पू की हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपया का जुर्माना, धारा 201 में 20-20 हजार रुपया का जुर्माना और अभियुक्त संत कुमार को आर्म्स एक्ट के तहत पांच हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। पति की हत्या के मामले में अदालत ने महिला बबीता और उसके प्रेमी संत कुमार को दोषी करार देते हुए दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।दोनों अभियुक्तों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुरकाजी थाने पर कैल्लनपुर धमात निवासी विनोद ने 12 अक्तूबर 2016 को पप्पू की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई पप्पू 11 अक्तूबर 2016 की रात में लगभग 11 बजे घर से खेत पर गया था। देर रात तक भी उसके लौटकर नहीं आने पर अनहोनी की चिंता सताने लगी। तलाश करने पर उसका शव रात एक बजे घर के पास गंगनहर की पटरी पर मिला, जिसकी गला काट कर हत्या कर की गई थी। पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने जांच में मृतक की पत्नी बबीता और उसके प्रेमी संत कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत संख्या- 7 में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह ने 12 लोगों की गवाही कराई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त बबीता और उसके प्रेमी संत कुमार को पप्पू की हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपया का जुर्माना, धारा 201 में 20-20 हजार रुपया का जुर्माना और अभियुक्त संत कुमार को आर्म्स एक्ट के तहत पांच हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है।
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