Muzaffarnagar: चुनावी रंजिश में हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 10 वर्ष पहले हुई थी वारदात
मुजफ्फरनगर में 10 वर्ष पहले हुई हत्या की वारदात के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली क्षेत्र के बाननगर में 10 साल पहले प्रधानी के चुनाव की रंजिश के चलते फैक्टरी कर्मचारी बाबूराम की हत्या के दोषी अशोक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने फैसला सुनाया।
बाननगर निवासी राज्जो ने 30 अगस्त 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित पक्ष का कहना था कि 29 अगस्त को बाबूराम फैक्टरी से काम कर गांव लौट रहा था। इस दौरान रंजिश के चलते अशोक ने गोली मारकर उसके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया।
परिजनों ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी 31 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद 28 नवंबर को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
प्रकरण की सुनवाई एडीजे प्रथम में हुई। पुलिस जांच में सामने आया था कि प्रधानी के चुनाव में दोनों पक्ष अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थक थे। आरोपी पक्ष ने पीड़ित पक्ष को कई बार धमकाया था। इसी रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
हत्या के मामले में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ। दोषी को आजीवन कारावास और 21 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।