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Muzaffarnagar News: अनुसूचित जाति के युवक की हत्या में दोषी पिता-पुत्र समेत चार को उम्रकैद
Wed, 27 Sep 2023 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 27 Sep 2023 12:57 AM IST
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- आन की खातिर छपार क्षेत्र के सिसौना गांव में अंजाम दी गई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। झूठी आन की खातिर छपार थाना क्षेत्र के सिसौना गांव में अनुसूचित जाति के मजदूर की हत्या के दोषी पिता-पुत्र समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने फैसला सुनाया।
वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह पुंडीर और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदार अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि सिसौना निवासी राजन (20) गांव के ही ईश्वर चंद के यहां मजदूरी करता था। इसी दौरान उसका परिवार की युवती से प्रेम-प्रसंग हो गया। 18 जून 2020 को राजन को ईंट भट्ठे पर भराई के लिए बुलाया गया थ। अगले ही दिन खेत में उसका शव बरामद हुआ। लाठी-डंडों से पीटकर और गला दबाकर हत्या की वारदात अंजाम दी गई थी।
मृतक की मां वादिया रामबीरी ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने ईश्वर चंद पुत्र ओमप्रकाश, देशराज पुत्र इलमचंद, ललित पुत्र तिलकराम, विमल पुत्र ईश्वरचंद समेत पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय संख्या-3 में हुई। एक आरोपी को किशोर घोषित किया गया, जिस कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
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अदालत ने ईश्वर चंद पुत्र ओमप्रकाश, देशराज पुत्र इलमचंद, ललित पुत्र तिलकराम, विमल पुत्र ईश्वरचंद को हत्या में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। झूठी आन की खातिर छपार थाना क्षेत्र के सिसौना गांव में अनुसूचित जाति के मजदूर की हत्या के दोषी पिता-पुत्र समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने फैसला सुनाया।
वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह पुंडीर और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदार अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि सिसौना निवासी राजन (20) गांव के ही ईश्वर चंद के यहां मजदूरी करता था। इसी दौरान उसका परिवार की युवती से प्रेम-प्रसंग हो गया। 18 जून 2020 को राजन को ईंट भट्ठे पर भराई के लिए बुलाया गया थ। अगले ही दिन खेत में उसका शव बरामद हुआ। लाठी-डंडों से पीटकर और गला दबाकर हत्या की वारदात अंजाम दी गई थी।
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मृतक की मां वादिया रामबीरी ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने ईश्वर चंद पुत्र ओमप्रकाश, देशराज पुत्र इलमचंद, ललित पुत्र तिलकराम, विमल पुत्र ईश्वरचंद समेत पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय संख्या-3 में हुई। एक आरोपी को किशोर घोषित किया गया, जिस कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
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अदालत ने ईश्वर चंद पुत्र ओमप्रकाश, देशराज पुत्र इलमचंद, ललित पुत्र तिलकराम, विमल पुत्र ईश्वरचंद को हत्या में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।