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सादिक की हत्या में दो अभियुक्तों को उम्रकैद
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सादिक की हत्या में दो अभियुक्तों को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। झूठी आन की खातिर अंजाम दिए गए खतौली के सादिक हत्याकांड में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के पीठासीन अधिकारी जय सिंह पुंडीर ने फैसला सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज ठाकुर और सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष त्यागी ने बताया कि खतौली के मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी सादिक फर्नीचर की दुकान पर काम सीख रहा था। चार जनवरी 2013 की रात वह संदिग्ध हालत में लापता हो गया। परिजनों और पुलिस ने तलाश की तो शव घर से कुछ दूर बाग में पड़ा मिला। उसके पिता मोमीन ने मोहल्ले के ही शाहिद, वासिद और आस मोहम्मद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित पक्ष का कहना था कि सादिक का प्रेम-प्रसंग अभियुक्त शाहिद की बेटी के साथ चल रहा था, इसी से नाराज होकर सादिक की जूते के फीते से फांसी लगाकर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई एडीजे प्रथम ने की। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी बनाया गया आस मोहम्मद नाबालिग है। अदालत ने उसकी पत्रावली अलग कर दी। हत्या की वारदात में अभियुक्त शाहिद और वासिद को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 में दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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मुजफ्फरनगर। झूठी आन की खातिर अंजाम दिए गए खतौली के सादिक हत्याकांड में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के पीठासीन अधिकारी जय सिंह पुंडीर ने फैसला सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज ठाकुर और सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष त्यागी ने बताया कि खतौली के मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी सादिक फर्नीचर की दुकान पर काम सीख रहा था। चार जनवरी 2013 की रात वह संदिग्ध हालत में लापता हो गया। परिजनों और पुलिस ने तलाश की तो शव घर से कुछ दूर बाग में पड़ा मिला। उसके पिता मोमीन ने मोहल्ले के ही शाहिद, वासिद और आस मोहम्मद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित पक्ष का कहना था कि सादिक का प्रेम-प्रसंग अभियुक्त शाहिद की बेटी के साथ चल रहा था, इसी से नाराज होकर सादिक की जूते के फीते से फांसी लगाकर उसकी हत्या कर दी गई।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई एडीजे प्रथम ने की। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी बनाया गया आस मोहम्मद नाबालिग है। अदालत ने उसकी पत्रावली अलग कर दी। हत्या की वारदात में अभियुक्त शाहिद और वासिद को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 में दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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