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Muzaffarnagar News: कोख में पलने दो बेटियां...तभी तो छनकेगी बहू की पायल
Tue, 18 Nov 2025 01:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 18 Nov 2025 01:24 AM IST
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सर्वखाप पंचायत सोरम में 80 वर्षीय धर्मवीर देवी सोरम निवासी पौत्र मोहित के साथ वक्ताओं को सुनन
शाहपुर। सर्वखाप सर्वजातीय महापंचायत के दूसरे दिन महिलाओं की हिस्सेदारी सामाजिक चेतना बढ़ाने वाली रही। खाप चौधरियों ने मंच और माइक पर जगह दी तो बेटियों ने भी हौंसला दिखाया। पश्चिम यूपी से लेकर सुदूर राजस्थान से पहुंची महिलाओं की हिस्सेदारी रही। बहसूमा की वर्णिका देशवाल ने कहा कि अगर बेटियों को जन्म लेने दिया होता तो आज घरों में बहू का इंतजार नहीं करना पड़ता।
मेरठ के बहसूमा की बेटी ने सर्वसमाज में फैल रही पश्चिमी सभ्यता पर कड़ा प्रहार किया। शादियों में अपनी संस्कृति का मजाक बनाने का आरोप लगाया। सर्वसमाज से आह्वान किया कि संस्कृति को बचाने का यही सही समय है। आज दूसरे प्रदेशों से शादियां करनी पड़ रही है। अपने घर अगर कभी बेटियों को जन्म लेने देते तो आज आपके घर में बहू भी आ जाती।
मेधावी छात्र-छात्राओं की तरह आज जरूरत यह है कि बुजुर्गाें और सास-ससुर की सेवा करने वाली बेटे-बहू का भी सम्मान होना चाहिए। शाहपुर की दिव्य ज्योति और आर्य समाज चौगामा की प्रधान सविता आर्य और राजस्थान से आई रीना चौधरी ने कहा कि बेटियां आगे बढ़ रही है। सर्वसमाज के साथ की आवश्यकता है। बेटियां अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करेंगी और कर रही है।
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बेटियों ने देखी पंचायत और पंचों की व्यवस्था : शाहपुर में मुखत्यारी देवी कन्या महाविद्यालय सिसौली की छात्राएं दो बसों में सवार होकर आयोजन स्थल पर अपने शिक्षक और शिक्षिकाओं के साथ पहुंची। छात्राओं ने बताया उन्होंने पहले ऐसी पंचायत नहीं देखी। हम खाप पंचायत की व्यवस्थाएं देखने आए हैं । यहां पर कैसे काम होता है क्या खाप पंचायत का इतिहास है। खाप पंचायत की ओर से किस प्रकार के निर्णय दिए जाते हैं। किस प्रकार सहमति बनती है। छात्रा मेनका, शिवानी, प्राची, साक्षी, रितु, सोनम, पायल, सुकन्या ने बताया हमें यहां आकर बहुत ही अच्छा लगा। शिक्षिका प्रियंका, सोनिया सैनी, विनेता और शिक्षक गोविंद भार्गव और अंकित बालियान शामिल रहे।
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मेरठ के बहसूमा की बेटी ने सर्वसमाज में फैल रही पश्चिमी सभ्यता पर कड़ा प्रहार किया। शादियों में अपनी संस्कृति का मजाक बनाने का आरोप लगाया। सर्वसमाज से आह्वान किया कि संस्कृति को बचाने का यही सही समय है। आज दूसरे प्रदेशों से शादियां करनी पड़ रही है। अपने घर अगर कभी बेटियों को जन्म लेने देते तो आज आपके घर में बहू भी आ जाती।
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मेधावी छात्र-छात्राओं की तरह आज जरूरत यह है कि बुजुर्गाें और सास-ससुर की सेवा करने वाली बेटे-बहू का भी सम्मान होना चाहिए। शाहपुर की दिव्य ज्योति और आर्य समाज चौगामा की प्रधान सविता आर्य और राजस्थान से आई रीना चौधरी ने कहा कि बेटियां आगे बढ़ रही है। सर्वसमाज के साथ की आवश्यकता है। बेटियां अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करेंगी और कर रही है।
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बेटियों ने देखी पंचायत और पंचों की व्यवस्था : शाहपुर में मुखत्यारी देवी कन्या महाविद्यालय सिसौली की छात्राएं दो बसों में सवार होकर आयोजन स्थल पर अपने शिक्षक और शिक्षिकाओं के साथ पहुंची। छात्राओं ने बताया उन्होंने पहले ऐसी पंचायत नहीं देखी। हम खाप पंचायत की व्यवस्थाएं देखने आए हैं । यहां पर कैसे काम होता है क्या खाप पंचायत का इतिहास है। खाप पंचायत की ओर से किस प्रकार के निर्णय दिए जाते हैं। किस प्रकार सहमति बनती है। छात्रा मेनका, शिवानी, प्राची, साक्षी, रितु, सोनम, पायल, सुकन्या ने बताया हमें यहां आकर बहुत ही अच्छा लगा। शिक्षिका प्रियंका, सोनिया सैनी, विनेता और शिक्षक गोविंद भार्गव और अंकित बालियान शामिल रहे।

सर्वखाप पंचायत सोरम में 80 वर्षीय धर्मवीर देवी सोरम निवासी पौत्र मोहित के साथ वक्ताओं को सुनन