{"_id":"62128bf98df79303003498c6","slug":"less-than-50-percent-attendance-in-council-schools-muzaffarnagar-news-mrt5777072157","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिषदीय स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम उपस्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिषदीय स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम उपस्थिति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी के कारण लंबे समय तक बंद रहे परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है। स्कूलों के खुलने के बाद इनमें 50 प्रतिशत से कम की अनुपस्ति शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बनी है। लगातार हो रहे निरीक्षण में कुछ स्कूलों में 20 से 25 प्रतिशत तक की उपस्थिति भी मिल रही है।
कोरोना की तीसरी लहर के चलते प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों को पूरी तरह बंद कर दिया था। लगभग दो माह के अवकाश के बाद स्कूल खुले तो बच्चों में स्कूल को लेकर उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है। शुरू के दिन तो बहुत ही कम उपस्थिति रही। अब एक सप्ताह होने के बाद भी स्कूलों में छात्र संख्या काफी कम है। बीएसए मायाराम से लेकर सभी एबीएसए लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। बीएसए को मोरना और सदर के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान 50 प्रतिशत से कम ही उपस्थिति मिली है। खतौली, चरथावल, बघरा आदि क्षेत्रों में निरीक्षण के समय एबीएसए के सामने यही हालात रहे। छात्रों की कम संख्या से शिक्षा विभाग चिंतित है। बीएसए मायाराम का कहना है कि सभी अधिकारी लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। लंबे समय बाद खुलने के कारण धीरे-धीरे संख्या बढ़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने की आदत छूट गई थी जो अब फिर से शुरू हो रही है। जल्द ही छात्र संख्या बढ़ जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी प्रयास कर रहे हैं। एक बार फिर से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
कोरोना की तीसरी लहर के चलते प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों को पूरी तरह बंद कर दिया था। लगभग दो माह के अवकाश के बाद स्कूल खुले तो बच्चों में स्कूल को लेकर उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है। शुरू के दिन तो बहुत ही कम उपस्थिति रही। अब एक सप्ताह होने के बाद भी स्कूलों में छात्र संख्या काफी कम है। बीएसए मायाराम से लेकर सभी एबीएसए लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। बीएसए को मोरना और सदर के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान 50 प्रतिशत से कम ही उपस्थिति मिली है। खतौली, चरथावल, बघरा आदि क्षेत्रों में निरीक्षण के समय एबीएसए के सामने यही हालात रहे। छात्रों की कम संख्या से शिक्षा विभाग चिंतित है। बीएसए मायाराम का कहना है कि सभी अधिकारी लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। लंबे समय बाद खुलने के कारण धीरे-धीरे संख्या बढ़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने की आदत छूट गई थी जो अब फिर से शुरू हो रही है। जल्द ही छात्र संख्या बढ़ जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी प्रयास कर रहे हैं। एक बार फिर से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाया जा रहा है।
विज्ञापन