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जांच और इलाज से ठीक हो सकते हैं कुष्ठरोगी : डॉ. सुषमा
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मुजफ्फरनगर। कुष्ठ रोग के बारे में लोग जाने और मिथकों को तोड़ समय रहते उसका उपचार करा सकें, इसलिए सरकार की ओर से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरू किया गया है, जो हर वर्ष चलता है। यह अभियान 13 फरवरी तक चलेगा।
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि कुष्ठ रोग को पहचानना बहुत आसान है और यह साध्य है। हम सभी कुष्ठ रोगियों को जितनी जल्दी हो सके खोजने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसी के लिए 13 फरवरी तक अभियान चलाया गया है, ताकि लोग कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक हों।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. सुषमा यादव ने बताया कि समाज में आज भी कुष्ठ रोग एवं रोगियों को स्वीकारा नहीं जाता है। यही कारण है कि व्यक्ति अपनी इस बीमारी को समाज से छुपाता है, जो कि जांच और इलाज में भी देरी का कारण बनती है।
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डॉ. यादव ने बताया कि अभियान के दौरान जिले की दस निकायों एवं 498 ग्रामसभा में आशा-एएनएम के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक आशा कार्यकर्ता एक हजार घरों का सर्वे करेगी और जागरूकता का संदेश देगी। इसके साथ ही कार्यक्रम का क्रियान्वयन ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता के साथ-साथ ग्राम सेवकों, स्कूल अध्यापकों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप केंद्रों के स्टाफ के द्वारा सक्रिय सहभागिता के साथ किया जा रहा है।
38 कुष्ठरोगियों का चल रहा इलाज
डॉ. यादव ने बताया कि जागरूकता के अभाव में समाज में कुष्ठ रोग के प्रति कलंक व भेदभाव के चलते कुष्ठ रोग के प्रति गलतफहमी है। इसी को दूर करने के उद्देश्य से पांच वर्षों के दौरान स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया जिले में इस समय 38 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। जो जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे।
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सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि कुष्ठ रोग को पहचानना बहुत आसान है और यह साध्य है। हम सभी कुष्ठ रोगियों को जितनी जल्दी हो सके खोजने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसी के लिए 13 फरवरी तक अभियान चलाया गया है, ताकि लोग कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक हों।
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जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. सुषमा यादव ने बताया कि समाज में आज भी कुष्ठ रोग एवं रोगियों को स्वीकारा नहीं जाता है। यही कारण है कि व्यक्ति अपनी इस बीमारी को समाज से छुपाता है, जो कि जांच और इलाज में भी देरी का कारण बनती है।
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डॉ. यादव ने बताया कि अभियान के दौरान जिले की दस निकायों एवं 498 ग्रामसभा में आशा-एएनएम के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक आशा कार्यकर्ता एक हजार घरों का सर्वे करेगी और जागरूकता का संदेश देगी। इसके साथ ही कार्यक्रम का क्रियान्वयन ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता के साथ-साथ ग्राम सेवकों, स्कूल अध्यापकों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप केंद्रों के स्टाफ के द्वारा सक्रिय सहभागिता के साथ किया जा रहा है।
38 कुष्ठरोगियों का चल रहा इलाज
डॉ. यादव ने बताया कि जागरूकता के अभाव में समाज में कुष्ठ रोग के प्रति कलंक व भेदभाव के चलते कुष्ठ रोग के प्रति गलतफहमी है। इसी को दूर करने के उद्देश्य से पांच वर्षों के दौरान स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया जिले में इस समय 38 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। जो जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे।