फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   kisanon ne mil ke kante ukhade

किसानों ने तितावी मिल के 70 कांटे उखाड़ फेंके

Tue, 01 Nov 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 01 Nov 2016 12:26 AM IST
विज्ञापन
kisanon ne mil ke kante ukhade
बघरा डाक बंगले पर किसानों को संबोधित करते केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में गन्ना भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने सोमवार को अपने गांवों से तितावी चीनी मिल के सत्तर कांटे उखाड़ दिए। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान की मौजूदगी में बघरा डाक बंगले पर हुई किसानों की बैठक में फैसला लिया गया कि किसान इस बार तितावी चीनी मिल को किसी भी हालत में गन्ना सप्लाई नहीं करेगा।
विज्ञापन


तितावी चीनी मिल क्षेत्र के समस्त जिला पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और जिम्मेदार किसानों की सोमवार को बघरा के डाक बंगले पर बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि तितावी चीनी मिल पर जिन किसानों को डेढ़ अरब बकाया हैं, उनका क्या कसूर है। जो चीनी मिल किसानों का समय से भुगतान नहीं कर सकती, ऐसी चीनी मिल को किसान किसी भी हालत में गन्ना नहीं देगा।
विज्ञापन


किसानों को चाहे अपना गन्ना हरियाणा और उत्तराखंड को देना पडे़, लेकिन तितावी चीनी मिल को किसी भी हालत में गन्ना नहीं दिया जाएगा। सर्व सम्मति से यह निर्णय हुआ कि जिन गांवों में तितावी चीनी मिल ने अपने गन्ना क्रय केंद्र पर कांटे लगवा दिए हैं, वहां किसान इन कांटों को उखाड़ फेंके। इसका असर भी यह हुआ कि शाम तक क्षेत्र के सभी गांवों से तितावी मिल के सत्तर तौल केंद्र उखाड़ दिए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पंचायत में बालियान ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन यदि जबरदस्ती करने का प्रयास करेगा तो सीधा मुकाबला किया जाएगा। किसान किसी भी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। डॉ. बालियान ने कहा कि भारत सरकार की खाद बनाने की कंपनी आईपीएल तितावी मिल को खरीदने को तैयार है, लेकिन मिल मालिक सिद्धार्थ श्रीराम न तो किसानों का भुगतान करता है और न ही मिल को बेचना चाहता है। मिल मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होता है, मगर गिरफ्तारी नहीं होती। यह सब प्रदेश सरकार से मिली भगत है। 


चीफ सेक्रेट्री राहुल भटनागर और केन कमिश्नर से यह मांग की गई थी कि वह अन्य चीनी मिलों को क्षेत्र के किसानों का गन्ना दिलाने की व्यवस्था करें। कोई सही जवाब नहीं मिला है। पंचायत में तीस जिम्मेदार लोगों की एक कमेटी बनाई गई, जो समस्या का निराकरण करने का कार्य करेगी। अध्यक्षता पूर्व प्रधान सोमपाल सैनी एवं संचालन जिला पंचायत सदस्य संदीप मलिक ने किया। जिला पंचायत सदस्य धीरेंद्र प्रधान, धीरज लाटियान, बघरा के प्रधान सतपाल सैनी, धर्मेंद्र पहलवान, विजय, प्रमोद, संजीव कुमार, अशोक कुमार, विनोद कुमार, हरिओम, बलराम, ओम सिंह, जितेंद्र आदि मौजूद रहे। उधर, बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार देर शाम तक क्षेत्र के किसानों ने करीब 70 कांटों को उखाड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed