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किसान को कर्ज से मुक्ति दिलाकर रहेंगे : वीएम सिंह
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 11 Oct 2017 12:57 AM IST
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कार्यक्रम में मौजूद वीएम सिंह और अन्य किसान नेता।
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक सरदार वीएम सिंह ने कहा कि यदि दस साल पहले स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हो जाती तो देश का किसान कर्जमुक्त होता। हम किसान को कर्ज से मुक्ति दिलाकर रहेंगे। उन्होंने गन्ना मूल्य 400 रुपये क्विंटल करने की मांग की।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के तत्वावधान में देशभर में निकल रही किसान मुक्ति यात्रा का जनपद में पहुंचने पर सरदार वीएम सिंह, सांसद राजू शेट्टी, स्वराज अभियान से जुड़े योगेंद्र यादव, कर्नाटक से डॉ सुनीलम, गंगा बिरादरी से मेजर हिमांशु, भगत सिंह वर्मा का भव्य स्वागत हुआ।
महावीर चौक पर किसान मुक्ति यात्रा के स्वागत के अवसर पर सरदार वीएम सिंह ने कहा कि किसान को कर्ज से मुक्ति दिलाना मुख्य मकसद है। ऋण से मुक्त किसान तभी होगा जब उसे उसकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलेगा। किसान को एक बार पूर्ण कर्ज माफी मिले और फसल में आई लागत से डेढ़ गुणा कम से कम दाम मिले, यही किसान मुक्ति यात्रा का मकसद है। प्रधानमंत्री ने यही वादे किए थे, जो उन्हें याद दिलाए जा रहे हैं।
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वीएम सिंह ने कहा कि अगर 10 वर्ष पूर्व आई स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू कर दी जाती तो आज किसान कर्जदार नहीं रहता। प्रदेश सरकार भी किसान के नाम पर बैंक का एनपीए हुआ पैसा उसे दे रही है। उन्होंने कहा कि नए सत्र में गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए, परंतु सरकार 325-335 रुपये क्विंटल से ज्यादा देने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कॉम्पेक्ट केन एरिया नीति के कोई मायने नहीं हैं, ये नीति किसान के लिए नुकसानदायक है।
किसान नेता सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी, किंतु किसान को मौजूदा सरकार में हक़ नहीं मिला। इसलिए वह सरकार का संसद और सड़क पर विरोध करते हैं। किसान को हक़ नहीं गोली मिल रही है। किसान आत्महत्या करने को मजबूर है।
स्वराज अभियान से जुड़े योगेंद्र यादव ने कहा की देश के किसान को एकजुट करने के लिए किसान मुक्ति यात्रा निकाली जा रही है। पहले किसान नेता एक हुए और 175 संगठन एक मंच पर आए। अब किसान को एकजुट करने के लिए सब प्रयास किए जा रहे हैं।
कर्नाटक से आए किसान नेता सुनीलम ने कहा कि 20 नवंबर को देशभर से 10 लाख किसान दिल्ली में जुटेंगे, वहां किसान संसद बैठेगी। किसान हित के प्रस्ताव बनाए जाएंगे। जिन्हें देश की संसद में राजू शेट्टी और अन्य किसान सांसद प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तावों का जो दल और सांसद समर्थन करेगा, उसे किसान चुनाव में समर्थन देगा। अध्यक्षता उदयवीर सिंह एवं संचालन विकास बालियान ने किया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुमित मलिक, हरेंद्र सिंह, विवेक तोमर, आस मोहम्मद, अनुज कुटबा, सुशील झंझोड़, संदीप चंचल, अक्षय, अनुज मलिक, नितिन राठी, जितेंद्र सिंह, अजय, आशीष कुमार, अमित मलिक, अजय, शुभम कुमार, विपिन, आसु, जितेंद्र कुमार, सचिन सहरावत, राजवीर सिंह, मनोज कुमार लाला, मनोज बालियान गोयला, भगत कूकड़ा, रुचिन बालियान, योगेंद्र प्रधान बरवाला, हरिओम चेयरमैन, प्रमोद कुमार, अवनीश कुमार, सत्यपाल तोमर, आनंद एडवोकेट, शिवराज प्रधान, विक्की तोमर, विनोद आदि ने भव्य स्वागत किया।
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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के तत्वावधान में देशभर में निकल रही किसान मुक्ति यात्रा का जनपद में पहुंचने पर सरदार वीएम सिंह, सांसद राजू शेट्टी, स्वराज अभियान से जुड़े योगेंद्र यादव, कर्नाटक से डॉ सुनीलम, गंगा बिरादरी से मेजर हिमांशु, भगत सिंह वर्मा का भव्य स्वागत हुआ।
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महावीर चौक पर किसान मुक्ति यात्रा के स्वागत के अवसर पर सरदार वीएम सिंह ने कहा कि किसान को कर्ज से मुक्ति दिलाना मुख्य मकसद है। ऋण से मुक्त किसान तभी होगा जब उसे उसकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलेगा। किसान को एक बार पूर्ण कर्ज माफी मिले और फसल में आई लागत से डेढ़ गुणा कम से कम दाम मिले, यही किसान मुक्ति यात्रा का मकसद है। प्रधानमंत्री ने यही वादे किए थे, जो उन्हें याद दिलाए जा रहे हैं।
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वीएम सिंह ने कहा कि अगर 10 वर्ष पूर्व आई स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू कर दी जाती तो आज किसान कर्जदार नहीं रहता। प्रदेश सरकार भी किसान के नाम पर बैंक का एनपीए हुआ पैसा उसे दे रही है। उन्होंने कहा कि नए सत्र में गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए, परंतु सरकार 325-335 रुपये क्विंटल से ज्यादा देने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कॉम्पेक्ट केन एरिया नीति के कोई मायने नहीं हैं, ये नीति किसान के लिए नुकसानदायक है।
किसान नेता सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी, किंतु किसान को मौजूदा सरकार में हक़ नहीं मिला। इसलिए वह सरकार का संसद और सड़क पर विरोध करते हैं। किसान को हक़ नहीं गोली मिल रही है। किसान आत्महत्या करने को मजबूर है।
स्वराज अभियान से जुड़े योगेंद्र यादव ने कहा की देश के किसान को एकजुट करने के लिए किसान मुक्ति यात्रा निकाली जा रही है। पहले किसान नेता एक हुए और 175 संगठन एक मंच पर आए। अब किसान को एकजुट करने के लिए सब प्रयास किए जा रहे हैं।
कर्नाटक से आए किसान नेता सुनीलम ने कहा कि 20 नवंबर को देशभर से 10 लाख किसान दिल्ली में जुटेंगे, वहां किसान संसद बैठेगी। किसान हित के प्रस्ताव बनाए जाएंगे। जिन्हें देश की संसद में राजू शेट्टी और अन्य किसान सांसद प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तावों का जो दल और सांसद समर्थन करेगा, उसे किसान चुनाव में समर्थन देगा। अध्यक्षता उदयवीर सिंह एवं संचालन विकास बालियान ने किया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुमित मलिक, हरेंद्र सिंह, विवेक तोमर, आस मोहम्मद, अनुज कुटबा, सुशील झंझोड़, संदीप चंचल, अक्षय, अनुज मलिक, नितिन राठी, जितेंद्र सिंह, अजय, आशीष कुमार, अमित मलिक, अजय, शुभम कुमार, विपिन, आसु, जितेंद्र कुमार, सचिन सहरावत, राजवीर सिंह, मनोज कुमार लाला, मनोज बालियान गोयला, भगत कूकड़ा, रुचिन बालियान, योगेंद्र प्रधान बरवाला, हरिओम चेयरमैन, प्रमोद कुमार, अवनीश कुमार, सत्यपाल तोमर, आनंद एडवोकेट, शिवराज प्रधान, विक्की तोमर, विनोद आदि ने भव्य स्वागत किया।