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Muzaffarnagar News: दो फरवरी से डीएम कार्यालय पर डेरा डालेगा किसान मजदूर संगठन
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- किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किया जाएगा धरना प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर दो फरवरी को डीएम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो धरना बेमियादी चलेेगा। सरकार को चाहिए कि किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने का काम करें। गन्ने का मूल्य बढ़ाएं।
रविवार को ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसानों के सामने वर्तमान में आवारा पशुओं की सबसे बड़ी समस्या है। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। पहले सरसों और अब गेहूं की फसल आवारा पशु चौपट कर रहे हैं। चारे की फसल भी नहीं होने दी, किसानों के सामन बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सरकार पशुओं का इंतजाम करने में नाकाम साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि प्रति पशु किसानों को 150 रुपये के हिसाब से रोजाना खर्च दें। अगर किसानों को खर्च दिया गया तो पशुओं की समस्या खुद ही समाप्त हो जाएगी। बजाज शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र का भुगतान भी अब तक नहीं किया है। किसानों की समस्याओं की सरकार अनदेखी कर रही है। एनएचएआई क्षेत्र में सड़कें बना रही हैं, लेकिन किसानों को तय मुआवजा नहीं मिल रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर दो फरवरी को डीएम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो धरना बेमियादी चलेेगा। सरकार को चाहिए कि किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने का काम करें। गन्ने का मूल्य बढ़ाएं।
रविवार को ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसानों के सामने वर्तमान में आवारा पशुओं की सबसे बड़ी समस्या है। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। पहले सरसों और अब गेहूं की फसल आवारा पशु चौपट कर रहे हैं। चारे की फसल भी नहीं होने दी, किसानों के सामन बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सरकार पशुओं का इंतजाम करने में नाकाम साबित हो रही है।
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उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि प्रति पशु किसानों को 150 रुपये के हिसाब से रोजाना खर्च दें। अगर किसानों को खर्च दिया गया तो पशुओं की समस्या खुद ही समाप्त हो जाएगी। बजाज शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र का भुगतान भी अब तक नहीं किया है। किसानों की समस्याओं की सरकार अनदेखी कर रही है। एनएचएआई क्षेत्र में सड़कें बना रही हैं, लेकिन किसानों को तय मुआवजा नहीं मिल रहा है।
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