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जिगजैग तकनीक से चल सकेंगे भट्ठे
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बुढ़ाना। एनजीटी के आदेशों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जिगजैग तकनीक से ही ईंट-भट्ठों का संचालन हो सकेगा। भट्ठा संचालन के लिए 1 मार्च से 30 जून तक का समय निर्धारित किया गया है।
मुजफ्फरनगर ईंट निर्माता समिति के संरक्षक चौ. लेखराज सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उत्कर्ष पंवार बनाम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुकदमे के चलते एनजीटी के आदेशों से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सभी ईंट भट्ठे बंद चल रहे थे। बुधवार को एनजीटी ने मुकदमे की सुनवाई के बाद निर्णय दिया कि एनसीआर में केवल जिगजैग तकनीक से ही भट्ठे चल सकेंगे। भट्ठा संचालन के लिए 1 मार्च से 30 जून तक का समय निर्धारित किया गया है। ईंट भट्टा संचालकों के पक्ष में निर्णय आने से भट्टा संचालकों में खुशी की लहर है।
उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर में करीब 280 व शामली में 160 ईंट भट्ठों का संचालन होता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मुजफ्फरनगर में 146 तथा शामली में 80 भट्ठों के संचालन की अनुमति प्रदान की है। मुजफ्फरनगर ईंट निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष राजेंद्र तोमर व कार्यकारी अध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर ने बताया कि ईंट भट्टा संचालक दो साल से दुखी थे। भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर भी बेरोजगार थे। एनजीटी के निर्णय से भट्ठा संचालकों में खुशी की लहर है। इस मौके पर इकबाल राणा, हसमत, ब्रहमजीत लाटियान, सरदार रणधीर सिंह, शमशाद अली व पूर्व प्रधान कंवरपाल आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर ईंट निर्माता समिति के संरक्षक चौ. लेखराज सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उत्कर्ष पंवार बनाम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुकदमे के चलते एनजीटी के आदेशों से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सभी ईंट भट्ठे बंद चल रहे थे। बुधवार को एनजीटी ने मुकदमे की सुनवाई के बाद निर्णय दिया कि एनसीआर में केवल जिगजैग तकनीक से ही भट्ठे चल सकेंगे। भट्ठा संचालन के लिए 1 मार्च से 30 जून तक का समय निर्धारित किया गया है। ईंट भट्टा संचालकों के पक्ष में निर्णय आने से भट्टा संचालकों में खुशी की लहर है।
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उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर में करीब 280 व शामली में 160 ईंट भट्ठों का संचालन होता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मुजफ्फरनगर में 146 तथा शामली में 80 भट्ठों के संचालन की अनुमति प्रदान की है। मुजफ्फरनगर ईंट निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष राजेंद्र तोमर व कार्यकारी अध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर ने बताया कि ईंट भट्टा संचालक दो साल से दुखी थे। भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर भी बेरोजगार थे। एनजीटी के निर्णय से भट्ठा संचालकों में खुशी की लहर है। इस मौके पर इकबाल राणा, हसमत, ब्रहमजीत लाटियान, सरदार रणधीर सिंह, शमशाद अली व पूर्व प्रधान कंवरपाल आदि मौजूद रहे।
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