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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - छात्र की पढ़ाई खर्च वहन को तलाश करें एनजीओ
Tue, 16 Apr 2024 04:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 16 Apr 2024 04:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। खुब्बापुर थप्पड़कांड मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बीएसए के प्रतिनिधि सुधीर उच्चतम न्यायालय पहुंचे थे। न्यायालय ने पीड़ित छात्र की पढ़ाई का खर्च वहन करने वाली एनजीओ की तलाश करने के निर्देश दिए।
शाहपुर ब्लॉक के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने एक अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की पहाड़ा न सुनाने पर उसके सहपाठियों से थप्पड़ लगवाए थे। जिसकी वीडियो वायरल हो गई थी और मामले ने तूल पकड़ लिया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। जिसकी सोमवार को सुनवाई हुई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने किसी ऐसी एनजीओ की तलाश करने के लिए निर्देशित किया है, जो पीड़ित छात्र की पढ़ाई और उसके स्कूल तक आने-जाने का खर्च वहन कर सके। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने कहा कि आरटीई एक्ट पर भी मजबूती के साथ काम किया जाए। सभी की काउंसलिंग ठीक तरीके से हो गई है।
बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि अब मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। जिसमें एनजीओ का बायोडाटा पेश करना होगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्र शहर के ही शारदेन स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ाई कर रहा है। सत्र 2023-24 में उसने कक्षा दो उत्तीर्ण की है। अब वह नए शैक्षिक सत्र 2024-25 में कक्षा तीन में अध्ययनरत है। कक्षा तीन की नई किताबें छात्र को दिला दी गई है।
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मुजफ्फरनगर। खुब्बापुर थप्पड़कांड मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बीएसए के प्रतिनिधि सुधीर उच्चतम न्यायालय पहुंचे थे। न्यायालय ने पीड़ित छात्र की पढ़ाई का खर्च वहन करने वाली एनजीओ की तलाश करने के निर्देश दिए।
शाहपुर ब्लॉक के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने एक अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की पहाड़ा न सुनाने पर उसके सहपाठियों से थप्पड़ लगवाए थे। जिसकी वीडियो वायरल हो गई थी और मामले ने तूल पकड़ लिया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। जिसकी सोमवार को सुनवाई हुई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने किसी ऐसी एनजीओ की तलाश करने के लिए निर्देशित किया है, जो पीड़ित छात्र की पढ़ाई और उसके स्कूल तक आने-जाने का खर्च वहन कर सके। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने कहा कि आरटीई एक्ट पर भी मजबूती के साथ काम किया जाए। सभी की काउंसलिंग ठीक तरीके से हो गई है।
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बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि अब मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। जिसमें एनजीओ का बायोडाटा पेश करना होगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्र शहर के ही शारदेन स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ाई कर रहा है। सत्र 2023-24 में उसने कक्षा दो उत्तीर्ण की है। अब वह नए शैक्षिक सत्र 2024-25 में कक्षा तीन में अध्ययनरत है। कक्षा तीन की नई किताबें छात्र को दिला दी गई है।
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