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धर्म का पालन करने से पाप का होता है नाश
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शुकतीर्थ के दंडी आश्रम में श्रीमद भागवत कथा कहते कथा व्यास।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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धर्म का पालन करने से पाप का होता है नाश
मोरना। दंडी आश्रम शुकतीर्थ में आयोजित भागवत कथा के समापन पर वृंदावन से आए कथा व्यास श्याम सुंदर पाराशर शास्त्री महाराज ने कहा कि धर्म का पालन करने से पाप का नाश होता है। पाप का नाश होने से मन की शुद्धि होती है। मन की शुद्धि से परमात्मा की प्राप्ति होती है।
ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु महाराज की 16 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित भागवत कथा में उन्होंने कहा कि जो परमात्मा के लिए रोता है उसको शांति मिलती है। विद्या, विनय और विवेक से ही सफलता मिलती है। संसार कोयले की खान है। संसार में जो आता है, उसको माया मारती है। माया बहुत शक्तिशाली है। ज्ञान का विक्रय माह पाप है। शरीर से आत्मा भिन्न है। संसार रूपी महासागर में बड़े-बड़े डूब गए। मानव जीवन को सार्थक और मोक्ष प्राप्ति के लिए भागवत कथा का रसपान अवश्य करना चाहिए। राजकुमार राज परिवार ने मुख्य भुमिका निभाई। गुरुदेवेश्वर आश्रम महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रसाद देकर आशीर्वाद प्रदान किया। आश्रम प्रबंधक मनोहर शर्मा, गोपाल शर्मा आदि व्यवस्था बनाने में लगे रहे।
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मोरना। दंडी आश्रम शुकतीर्थ में आयोजित भागवत कथा के समापन पर वृंदावन से आए कथा व्यास श्याम सुंदर पाराशर शास्त्री महाराज ने कहा कि धर्म का पालन करने से पाप का नाश होता है। पाप का नाश होने से मन की शुद्धि होती है। मन की शुद्धि से परमात्मा की प्राप्ति होती है।
ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु महाराज की 16 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित भागवत कथा में उन्होंने कहा कि जो परमात्मा के लिए रोता है उसको शांति मिलती है। विद्या, विनय और विवेक से ही सफलता मिलती है। संसार कोयले की खान है। संसार में जो आता है, उसको माया मारती है। माया बहुत शक्तिशाली है। ज्ञान का विक्रय माह पाप है। शरीर से आत्मा भिन्न है। संसार रूपी महासागर में बड़े-बड़े डूब गए। मानव जीवन को सार्थक और मोक्ष प्राप्ति के लिए भागवत कथा का रसपान अवश्य करना चाहिए। राजकुमार राज परिवार ने मुख्य भुमिका निभाई। गुरुदेवेश्वर आश्रम महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रसाद देकर आशीर्वाद प्रदान किया। आश्रम प्रबंधक मनोहर शर्मा, गोपाल शर्मा आदि व्यवस्था बनाने में लगे रहे।
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