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कार सेवकों को कैद रखा था
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जानसठ के विहिप नेता रहे सतीश खटीक को कारसेवा के दौरान कस्बे की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
- फोटो : KHATAULI
जानसठ। कस्बा जानसठ से भी 1990 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा व विहिप नेताओं ने आवाज बुलंद की थी। उस समय कार सेवकों को रोकने के लिए डीएवी इंटर कालेज को अस्थाई जेल बनाई गई थी। उस जेल में पुलिस प्रशासन ने 255 कार सेवकों को गिरफ्तार कर तीन माह तक कैद रखा था। इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन ने कस्बे के विहिप व भाजपा नेताओं को जानसठ से कूच करते ही गिरफ्तार कर लिया था, जिनको बुलंदशहर की अस्थाई जेल में 30 दिन तक कैद में रखा था। उस वक्त प्रशासन ने कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया था।
कस्बा निवासी आरएसएस नेता सुरेंद्र प्रकाश सिंघल के नेतृत्व में 1990 में अयोध्या में जाने को गुपचुप तरीके से योजना तैयार की गई थी। फिलहाल सुरेंद्र प्रकाश सिंघल की मौत हो चुकी है। उन्होंने उस वक्त नारा दिया था कि हम अयोध्या जाकर ही रहेंगे, लेकिन गिरफ्तारी नहीं देंगे। गुपचुप तरीके से बनाई गई रणनीति की पुलिस प्रशासन को भनक लग गई थी। तत्कालीन भाजपा नगराध्यक्ष महाराज सिंह पोसवाल, सुरेश पाल सैनी, विहिप नेता अशोक बल आदि अयोध्या जाने के लिए घर से निकले तो इनको कस्बे के मेन गेट के पास ही पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया था और बुलंदशहर में अस्थाई जेल में 30 दिन तक रखा गया था। इसके अलावा प्रशासन को भ्रमित करने के लिए युवाओं का एक जत्था बनाया गया था, जिसमें ओमप्रकाश शर्मा, विहिप नगर प्रमुख सतीश खटीक आदि शामिल थे। प्रशासन ने उन पर भी कस्बे से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी थी। उस वक्त पुलिस प्रशासन ने कस्बे के डीएवी इंटर कालेज को अस्थाई जेल बनाकर दूसरे जनपदों से गिरफ्तार किए गए 255 कारसेवकों को कैद करके रखा था।
घंटों बैठकों में बनाई जाती थी रणनीति
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर कारसेवक बनकर जाने के लिए आरएसएस, विहिप व भाजपाइयों ने गुप्त जगह पर एक सप्ताह तक रणनीति बनाने का समय लगा था। दिन और रात के समय घंटों बैठकों में रणनीति बनाई जाती थी। बैठक में जिम्मेदार नेता ही भाग लेते थे। बैठक में कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था को युवाओं की टीम भी गठित की गई थी।
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अयोध्या में मंदिर बनाए जाने से खुश
अयोध्या में ही भगवान श्रीराम का मंदिर बनाए जाने को लेकर नगर पंचायत प्रवेंद्र भड़ाना, पूर्व चेयरमैन यनेश तंवर, भाजपा नेता ब्रजेश रस्तोगी, महाराज सिंह पोसवाल, सतीश खटीक. सुरेश पाल सैनी, नेत्रपाल कश्यप, मुकेश शर्मा, सभासद प्रवीण तंवर आदि को बेहद खुशी है। इनका कहना है कि मंदिर का पूर्ण निर्माण होने पर वे अयोध्या में अवश्य जाएंगे।
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कस्बा निवासी आरएसएस नेता सुरेंद्र प्रकाश सिंघल के नेतृत्व में 1990 में अयोध्या में जाने को गुपचुप तरीके से योजना तैयार की गई थी। फिलहाल सुरेंद्र प्रकाश सिंघल की मौत हो चुकी है। उन्होंने उस वक्त नारा दिया था कि हम अयोध्या जाकर ही रहेंगे, लेकिन गिरफ्तारी नहीं देंगे। गुपचुप तरीके से बनाई गई रणनीति की पुलिस प्रशासन को भनक लग गई थी। तत्कालीन भाजपा नगराध्यक्ष महाराज सिंह पोसवाल, सुरेश पाल सैनी, विहिप नेता अशोक बल आदि अयोध्या जाने के लिए घर से निकले तो इनको कस्बे के मेन गेट के पास ही पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया था और बुलंदशहर में अस्थाई जेल में 30 दिन तक रखा गया था। इसके अलावा प्रशासन को भ्रमित करने के लिए युवाओं का एक जत्था बनाया गया था, जिसमें ओमप्रकाश शर्मा, विहिप नगर प्रमुख सतीश खटीक आदि शामिल थे। प्रशासन ने उन पर भी कस्बे से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी थी। उस वक्त पुलिस प्रशासन ने कस्बे के डीएवी इंटर कालेज को अस्थाई जेल बनाकर दूसरे जनपदों से गिरफ्तार किए गए 255 कारसेवकों को कैद करके रखा था।
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घंटों बैठकों में बनाई जाती थी रणनीति
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर कारसेवक बनकर जाने के लिए आरएसएस, विहिप व भाजपाइयों ने गुप्त जगह पर एक सप्ताह तक रणनीति बनाने का समय लगा था। दिन और रात के समय घंटों बैठकों में रणनीति बनाई जाती थी। बैठक में जिम्मेदार नेता ही भाग लेते थे। बैठक में कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था को युवाओं की टीम भी गठित की गई थी।
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अयोध्या में मंदिर बनाए जाने से खुश
अयोध्या में ही भगवान श्रीराम का मंदिर बनाए जाने को लेकर नगर पंचायत प्रवेंद्र भड़ाना, पूर्व चेयरमैन यनेश तंवर, भाजपा नेता ब्रजेश रस्तोगी, महाराज सिंह पोसवाल, सतीश खटीक. सुरेश पाल सैनी, नेत्रपाल कश्यप, मुकेश शर्मा, सभासद प्रवीण तंवर आदि को बेहद खुशी है। इनका कहना है कि मंदिर का पूर्ण निर्माण होने पर वे अयोध्या में अवश्य जाएंगे।