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रालोद नेता पायल माहेश्वरी की जमानत अर्जी निरस्त
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मुजफ्फरनगर। धोखाधड़ी के मामले में कुख्यात संजीव जीवा की पत्नी रालोद नेता पायल माहेश्वरी की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। जिला जज चवन प्रकाश ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। इससे पहले शैंकी की जमानत अर्जी रद्द की जा चुकी है।
नई मंडी संजय मार्ग पटेल नगर निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया था कि लक्ष्मण विहार नई मंडी निवासी सुनील गोयल से उनके डेयरी प्लांट का सौदा उन्होंने वर्ष 2018 में चार करोड़ एक लाख में किया गया। 11 जुलाई 2018 से डेयरी का संचालन में पटेल नगर निवासी सचिन अग्रवाल को साझेदार किया। सचिन अग्रवाल ने कोई भुगतान न कर आधी साझेदारी का दबाव बनाया। 9 फरवरी 2019 को संजीव जीवा के नाम की धमकी देने लगे। घबराकर परिवार सहित अलीगढ़ रहना शुरू कर दिया और डेढ़ साल बाद वापस आए। अगस्त 2020 में सचिन ने मामला सुलझाने के लिए पंचमुखी स्थित प्रवीण मित्तल पीटर के घर बुलाया। आरोप है कि बंधक बनाकर पिटाई की गई। पीड़ित ने पटेल नगर नई मंडी निवासी सचिन अग्रवाल, अमित गोयल, अमित माहेश्वरी, संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा, शुभम बंसल, शैंकी मित्तल, सभासद प्रवीण मित्तल उर्फ पीटर, अनुराधा माहेश्वरी और पायल माहेश्वरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पायल ने जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि जमानत अर्जी रद्द कर दी गई है।
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नई मंडी संजय मार्ग पटेल नगर निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया था कि लक्ष्मण विहार नई मंडी निवासी सुनील गोयल से उनके डेयरी प्लांट का सौदा उन्होंने वर्ष 2018 में चार करोड़ एक लाख में किया गया। 11 जुलाई 2018 से डेयरी का संचालन में पटेल नगर निवासी सचिन अग्रवाल को साझेदार किया। सचिन अग्रवाल ने कोई भुगतान न कर आधी साझेदारी का दबाव बनाया। 9 फरवरी 2019 को संजीव जीवा के नाम की धमकी देने लगे। घबराकर परिवार सहित अलीगढ़ रहना शुरू कर दिया और डेढ़ साल बाद वापस आए। अगस्त 2020 में सचिन ने मामला सुलझाने के लिए पंचमुखी स्थित प्रवीण मित्तल पीटर के घर बुलाया। आरोप है कि बंधक बनाकर पिटाई की गई। पीड़ित ने पटेल नगर नई मंडी निवासी सचिन अग्रवाल, अमित गोयल, अमित माहेश्वरी, संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा, शुभम बंसल, शैंकी मित्तल, सभासद प्रवीण मित्तल उर्फ पीटर, अनुराधा माहेश्वरी और पायल माहेश्वरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पायल ने जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि जमानत अर्जी रद्द कर दी गई है।
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