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आजाद भारत में भी हक के लिए लोगों को करना पड़ता है संघर्ष

Mon, 25 Jan 2021 11:08 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jan 2021 11:08 PM IST
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Janeshwar Sharma resident of Kanhahedi village
गणतंत्र के पहरू कान्हाहेड़ी निवासी जनेश्वर शर्मा - फोटो : MUZAFFARNAGAR
आजाद भारत में भी हक के लिए लोगों को करना पड़ता है संघर्ष
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चरथावल। हम आज 71 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। आजाद भारत में भी लोगों के हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। गांवों में ऐसे लोग हैं, जो ना तो जनप्रतिनिधि है और न ही प्रधान। इसके बावजूद जन-जन पर होने वाले जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने में जज्बे के साथ आगे रहते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ आम जन और गांव तक कैसे पहुंचे इसे लेकर भी जागरूक रहते हैं।
साइकिल से गांवों में घूमते हैं जनेश्वर
चरथावल ब्लॉक के गांव कान्हाहेड़ी के बाशिंदे जनेश्वर शर्मा बिरालसी और हसनपुर लुहारी में हलवाई की दुकान करते थे, जो अब छोड़ दिया। मामूली धंधे के बावजूद लोगों के हक की लड़ाई लड़ते हुए उन्हें दो दशक बीत गए। जिला मुख्यालय एवं आसपास गांवों में लोगों की समस्याओं के लिए साइकिल की सवारी आज भी उन्हें भाती है। कहते हैं उन्हें किसी का उत्पीड़न सहन नहीं होता। खबर लगते ही निकल पड़ते हैं। शहर से लेकर लखनऊ तक ग्रामीणों की आवाज उठाते हैं। जिन गांवों में राशन डीलर लोगों को राशन नहीं देता, तो शिकायतों को उच्चाधिकारियों को दी और राशन मुहैया कराया। कुल्हेड़ी के लोगों की चकबंदी नहीं होने की समस्या अरसे से थी। उसके लिए उन्होंने लखनऊ तक लिखापढ़ी की और संघर्ष किया। समाज सुधार की दशा में आरटीआई और शिकायतों से भ्रष्टाचार पर चोट करते हैं।
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पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाने में दिलचस्पी लेते हैं जल सिंह
बलवाखेड़ी के जल सिंह खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। ब्लॉक चरथावल का आखिरी गांव बलवाखेड़ी में ग्रामीणों की दिक्कतों को देख उन्हें कष्ट होता है। सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए वह जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से एक बार नहीं, बल्कि बार-बार मिलते हैं। वर्ष 1998 से वह जागरूक बनकर ग्रामीणों की लड़ाई लड़ते हैं। उन्हीं के प्रयासों से गांवों वालों के साथ लालूखेड़ी से बलवाखेड़ी तक सड़क को डबल कराने और गांव में बैंक खुलवाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान से कई बार मिले। मंत्री ने समस्या को हल कराया। सड़क बनी और दो जिलों के वाहन सरपट दौड़ रहे हैं। गांव में राष्ट्रीयकृत बैंक शुरू हो गया। कहते हैं इच्छा शक्ति से आम व्यक्ति हर समस्याओं को हल करा सकता है।
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