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तीन साल बाद भी शुरू नहीं हुई गुड़ की जांच
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मुजफ्फरनगर। एक जिला एक उत्पाद योजना में गुड़ को शामिल किया गया था। योजना थी कि गुड़ की जांच के लिए जिले में दो लैब बनेगी, लेकिन तीन साल बाद भी लैब नहीं बनीं। बधाई कलां और पुरकाजी में लैब लगनी थी।
एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी मुजफ्फरनगर में है। जिले में लगभग तीन हजार कोल्हू गुड़ बनाने का काम करते हैं और 30 हजार लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार ने भी एक जनपद एक उत्पाद में यहां गुड़ को शामिल किया गया। यहां सरकार ने आधुनिक कोल्हू लगाने का अभियान चलाया, वह भी सफल नहीं हो पाया।उद्योग विभाग के माध्यम से जिले में दो टेस्टिंग लैब लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें एक टेस्टिंग लैब गांव बधाईकलां में लगनी थी। एक प्रस्ताव पुरकाजी क्षेत्र का था। मंडी के व्यापारी मांग करते रहे हैं कि टेस्टिंग लैब गुड़ मंडी में होनी चाहिए। तीन साल में गुड़ उत्पादन को लेकर कोई खास उपलब्धि यहां नहीं रही है। गुड़ की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशासन के पास कुछ नहीं है।
लंबे समय से चली आ रही मांग
गुड़ मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि हम लंबे समय से मांग करते आ रहे है कि मंडी परिसर में टेस्टिंग लैब होनी चाहिए। एक जनपद-एक उत्पाद में गुड़ को शामिल किए जाने से उम्मीद बढी थी, लेकिन हो कुछ नहीं पाया।
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शासन में अटकी है फाइल
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य का कहना है कि हमारे जिले से दो टेस्टिंग लैब के लिए शासन में प्रस्ताव गए हुए हैं, लेकिन शासन से अभी तक कोई पैसा जारी नहीं हुआ है।
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एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी मुजफ्फरनगर में है। जिले में लगभग तीन हजार कोल्हू गुड़ बनाने का काम करते हैं और 30 हजार लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार ने भी एक जनपद एक उत्पाद में यहां गुड़ को शामिल किया गया। यहां सरकार ने आधुनिक कोल्हू लगाने का अभियान चलाया, वह भी सफल नहीं हो पाया।उद्योग विभाग के माध्यम से जिले में दो टेस्टिंग लैब लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें एक टेस्टिंग लैब गांव बधाईकलां में लगनी थी। एक प्रस्ताव पुरकाजी क्षेत्र का था। मंडी के व्यापारी मांग करते रहे हैं कि टेस्टिंग लैब गुड़ मंडी में होनी चाहिए। तीन साल में गुड़ उत्पादन को लेकर कोई खास उपलब्धि यहां नहीं रही है। गुड़ की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशासन के पास कुछ नहीं है।
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लंबे समय से चली आ रही मांग
गुड़ मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि हम लंबे समय से मांग करते आ रहे है कि मंडी परिसर में टेस्टिंग लैब होनी चाहिए। एक जनपद-एक उत्पाद में गुड़ को शामिल किए जाने से उम्मीद बढी थी, लेकिन हो कुछ नहीं पाया।
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शासन में अटकी है फाइल
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य का कहना है कि हमारे जिले से दो टेस्टिंग लैब के लिए शासन में प्रस्ताव गए हुए हैं, लेकिन शासन से अभी तक कोई पैसा जारी नहीं हुआ है।