{"_id":"6293b61b81d82c3ca23c7d82","slug":"it-is-not-proper-to-bring-alive-the-differences-of-history-again-and-again-devband-news-mrt5907011157","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञानवापी मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर उलमा की दो टूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्ञानवापी मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर उलमा की दो टूक
अधिवेशन में विचार रखते असम सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल
- फोटो : DEVBAND
Link Copied
देवबंद। देश के चर्चित मुद्दे ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा की शाही ईदगाह और कॉमन सिविल कोड को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद की राष्ट्रीय प्रबंधक कमेटी के दो दिवसीय अधिवेशन में प्रस्ताव पारित किए गए। जिसमें धार्मिक मुद्दों को लेकर देश के माहौल को खराब करने की कड़ी निंदा की गई, साथ ही उलमा ने सरकार को चेताया कि इतिहास के मतभेदों को बार-बार जीवित करना देश की शांति, भाईचारा और सद्भाव के लिए किसी भी दशा में उचित नहीं है।
विज्ञापन
रविवार को ईदगाह के मैदान में मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में शुरू हुए अंतिम चरण के अधिवेशन में वाराणसी से आए हाफिज उबैदुल्लाह ने ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा शाही ईदगाह सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों को लेकर प्रस्ताव पारित किया। जिसका वहां मौजूद दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद आजमी ने समर्थन किया। हाफिज उबैदुल्लाह ने कहा कि वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद हो या फिर मथुरा की शाही ईदगाह या अन्य धार्मिक स्थल, वर्तमान में इनके खिलाफ एक अभियान छिड़ा हुआ है। जिसकी वजह से मुल्क की अमन, शांति और भाईचारा बरबाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि सत्तासीन लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि इतिहास के मतभेदों को बार-बार जीवित करेंगे तो यह सद्भाव और शांति के लिए खतरा साबित होगा। प्रोफेसर मौलाना नोमानी शाहजहांपुरी ने कॉमन सिविल कोड को लेकर प्रस्ताव रखा। असम के सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने इसका समर्थन किया। मौलाना नोमानी ने कहा कि भारत के संविधान ने हर नागरिक को अपने मजहब के मुताबिक जीवन यापन करने का पूर्ण अधिकार दिया हुआ है। कॉमन सिविल कोड मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करने के लिए बहुत बड़ा षड्यंत्र है। जिसे मुसलमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और मजहबी लॉ में कोई तब्दीली भी स्वीकार्य नहीं होगी। मौलाना नोमानी ने दो टूक कहा कि यदि सरकार जबरन इसे थोपने का प्रयास करेगी तो उन्हें विरोध करने को मजबूर होना पड़ेगा।
प्रस्ताव पर बोलते प्रोफेसर मौलाना नोमानी शाहजहांपुरी- फोटो : DEVBAND
अधिवेशन में प्रस्ताव रखते हाफिज उबैदुल्लाह- फोटो : DEVBAND
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।