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Muzaffarnagar News: बुढ़ाना - भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण टीम बुढ़ाना पहुंची
Wed, 31 Jan 2024 02:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 31 Jan 2024 02:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
बुढ़ाना। भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण देहरादून की टीम बुढ़ाना पहुंची। यह टीम पशु पैठ व देहात में पशुपालकों से संपर्क करेगी। टीम के अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार कौशल ने बताया कि 40 दिन तक इस क्षेत्र में रहकर सर्वे किया जाएगा। यह टीम पशुधन व मानव जीवन के संबंधों पर सर्वे करेगी।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण देहरादून से 12 सदस्यों की टीम मंगलवार को बुढ़ाना पहुंची। इस टीम ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी अरुण कुमार व खंड विकास अधिकारी सतीश कुमार आदि के साथ बैठक की। जिसमें डॉ. रविंद्र कुमार कौशल ने कहा कि मानव सभ्यता में पहले से ही पशुधन का मानव जीवन में अहम योगदान रहा है। पशुधन का ग्रामीण जीवन पर अब भी प्रभाव है। भले ही ग्रामीणों की जीवन यापन शैली में बदलाव आया हो।
उन्होंने बताया कि मानव समाज की पशुधन पर निर्भरता और आर्थिक समन्वय में पशुधन के योगदान को समझने के लिए हम लोग सर्वे करेंगे। इस क्षेत्र में 40 दिन तक रहकर मनुष्य और पशुधन के संबंधों को समझने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान डाॅ. रविंद्र कुमार कौशल, श्योमोश्री, डाॅ. विजय कुमार, डाॅ. करुणा शंकर, डाॅ. राजकुमार, कुमार मंगल, आरती, अरुणेश कुमार, सुदेशना शुभ्रमयी, अंकिता, नीरज राणा आदि मौजूद रहे।
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बुढ़ाना। भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण देहरादून की टीम बुढ़ाना पहुंची। यह टीम पशु पैठ व देहात में पशुपालकों से संपर्क करेगी। टीम के अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार कौशल ने बताया कि 40 दिन तक इस क्षेत्र में रहकर सर्वे किया जाएगा। यह टीम पशुधन व मानव जीवन के संबंधों पर सर्वे करेगी।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण देहरादून से 12 सदस्यों की टीम मंगलवार को बुढ़ाना पहुंची। इस टीम ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी अरुण कुमार व खंड विकास अधिकारी सतीश कुमार आदि के साथ बैठक की। जिसमें डॉ. रविंद्र कुमार कौशल ने कहा कि मानव सभ्यता में पहले से ही पशुधन का मानव जीवन में अहम योगदान रहा है। पशुधन का ग्रामीण जीवन पर अब भी प्रभाव है। भले ही ग्रामीणों की जीवन यापन शैली में बदलाव आया हो।
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उन्होंने बताया कि मानव समाज की पशुधन पर निर्भरता और आर्थिक समन्वय में पशुधन के योगदान को समझने के लिए हम लोग सर्वे करेंगे। इस क्षेत्र में 40 दिन तक रहकर मनुष्य और पशुधन के संबंधों को समझने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान डाॅ. रविंद्र कुमार कौशल, श्योमोश्री, डाॅ. विजय कुमार, डाॅ. करुणा शंकर, डाॅ. राजकुमार, कुमार मंगल, आरती, अरुणेश कुमार, सुदेशना शुभ्रमयी, अंकिता, नीरज राणा आदि मौजूद रहे।
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