UPSC Result: मुजफ्फरनगर में किसान के बेटे को बिना कोचिंग पहले प्रयास में मिली कामयाबी, सफलता के राज
यूपीएससी में शिवांश को 437 वीं रैंक मिली है। कस्बे के मोहल्ला बाजार खुर्द निवासी रमणीक गौतम उर्फ शिवांश त्यागी दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी कर रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला के साथ अपनी सफलता के राज साझा किए।
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मुजफ्फरनगर के चरथावल के साधारण किसान परिवार के बेटे शिवांश त्यागी ने दृढ़ इच्छा शक्ति और एकाग्रता से पहले प्रयास में ही यूपीएससी (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) में कामयाबी हासिल की है। सोमवार को परिणाम घोषित हुआ, तो परिजन झूम उठे। शिवांश को 437 वीं रैंक मिली है।
कस्बे के मोहल्ला बाजार खुर्द निवासी रमणीक गौतम उर्फ शिवांश त्यागी दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी कर रहे हैं। साथ ही मुजफ्फरनगर के कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे थे। वर्ष 2021 में पहली बार एग्जाम दिया और कामयाबी मिल गई।
बाबा सुभाष त्यागी और दादी राजबाला इस कामयाबी पर गदगद हो गए। पिता नीरज किसान और माता रश्मि एक स्कूल में शिक्षिका है। बड़ी बहन आयुषि एमसीए करने के बाद गुरूग्राम एक एमएनसी में जॉब कर रही हैं।
कामयाबी में मां का योगदान सबसे ज्यादा है। चरथावल के बेटे की कामयाबी पर चेयरमैन सतेंद्र त्यागी, समिति सभापति कुबेरदत्त त्यागी, विजेंद्र त्यागी, मामा अवेश, भाजपा नेता विशाल त्यागी, अनुज त्यागी, दोस्त वर्णित, हिमांशु आदि ने घर पहुंचकर बधाई दी।
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एयरफोर्स में असफल और यूपीएससी में फतह
शिवांश के कॅरिअर की कहानी दिलचस्प है। बताते हैं मुजफ्फरनगर से एमजी पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा पास की। एसडी कॉलेज से बीएससी परीक्षा में 61 प्रतिशत अंकों से सफल हुए।
उसके बाद एयरफोर्स की परीक्षा पास तो कर ली, लेकिन मेडिकल में अनफिट हो गए। इसके बाद मन में विचार आया कि यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की जाए। खुद तैयारी शुरू कर दी। बहन आयुषि ने बताया हमें दो महीने बाद मालूम चला। रोजाना घर रहकर एकाग्र मन से 5-6 से घंटे पढ़ाई की और यूपीएससी में सफल हो गए।
बिना मूंछ के भी स्मार्ट लगते हो
रोचक सवाल में शिवांश का साक्षात्कार शुरू हुआ। बकौल उनके 11 मई को पहली बार यूपीएससी का इंटरव्यू देने बोर्ड के समक्ष गया, तो मेरी फाइल पर मूंछों वाला पासपोर्ट फोटो देख चेयरमैन बोले शिवांश आज बिना मूंछों के आए हो। उसने कहा सर, मम्मी के सुझाव पर क्लीन सेव में इंटरव्यू देने आया हूं। इस पर चेयरमैन ने हंसकर कहा, आप मूंछ में स्मार्ट और बिना मूंछ भी स्मार्ट लगते हो। साक्षात्कार शुरू हुआ। उन्होंने 22 मिनट चले इंटरव्यू में बेझिझक होकर सवालों के दिए।
व्हाट्सएप से रखते हैं परहेज
तैयारी के दौरान शिवांश ने व्हाट्सअप से परहेज रखा। सोशल मीडिया को रोजाना 30 मिनट ही देते हैं। दो साल से डायरी लिखना और छोटी कहानियां लिखना उनके शौक में शामिल है। पसंदीदा अभिनेता नवाजुद्दीन हैं। मोबाइल पर रोजाना एक घंटे मूवी जरूर देखते है। योग करना दिनचर्या का हिस्सा है। देश-विदेश की रोजाना खबरों के लिए ऑनलाइन अखबार पढ़ते हैं।
तैयारी करते वक्त बोझिल नहीं बनें
उनका कहना है हर युवा कॅरिअर में बुलंदी पाने के लिए सहज होकर तैयारी करें। जिंदगी को बोझिल नहीं होने दें। ग्रामीण अंचलों से रोजाना बड़े शहरों में जाकर लड़कियों के लिए चुनौती है। वह चार साल रोज प्राइवेट बसों की भीड़ में सफर कर पढ़ने मुजफ्फरनगर जाते थे, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उम्मीद है इस रैंक पर उन्हें रेवेन्यू सर्विस मिल सकती है। आवेदन के वक्त यूपी कैडर भरा था।

मुजफ्फरनगर : यूपीएससी में चयनित चरथावल का शिवांश त्यागी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR