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दोस्ती की लाज रखने के नाम पर रंगे दोस्त के खून से हाथ
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मुजफ्फरनगर। अंकुर की हत्या करने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके अपने ही दोस्त थे। दो दोस्तों ने एक दोस्त की दोस्ती की लाज रखने केे नाम के नाम पर अपने हाथ दूसरे दोस्त के खून से रंग लिए। उनका अपना दोस्त दुनिया छोड़ गया और अब वह दोनों भी खून के गुनाह में सलाखों के पीछे पहुुंच गए है।
बागपत में सरकारी एंबुलेंस पर संविदा चालक की नौकरी करने वाला 26 वर्षीय अंकुर किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। वह बागपत से अपने घर आता जाता रहता था। बीते बुधवार को भी वह बागपत जाने की बात कहकर घर से चला था, लेकिन वह बागपत नहीं पहुंचा। यदि पुलिस की माने तो वह शराब पीने का शौक रखता था। बुधवार को वह बागपत न जाकर अपने दोस्तों आकाश, हिमांशु व अश्वनी के साथ शराब पीने के चक्कर में लग गया। चारों को लोगों ने उस दिन एक साथ घूमते देखा भी था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर आई काल ने उसकी जिंदगी को मौत के रास्ते की ओर मोड़ दिया।
उसके दोस्त आकाश ने मोबाइल पर काल करने वाली अपनी बहन की आवाज और उसका नंबर पहचान लिया, बस इसके बाद ही आकाश ने अंकुर की हत्या की पटकथा तैयार कर ली थी। उसने अपने साथ मौजूद दोनों दोस्तों हिमांशु व अश्वनी को दोस्ती की लाज का वास्ता देकर अंकुर की हत्या के लिए तैयार कर लिया। इसके बाद योजनाबद्घ तरीके से शराब व नशीला पदार्थ खरीदा गया। जिसे अकुंर की शराब में डाला गया। नशे में होने के बाद अंकुर के हाथ पैर बांधे गए। सिर में ईंट से चोट मारी गई। मौत होने पर शव को जलाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि हिमांशु व अश्वनी की अंकुर से कोई दुश्मनी नहीं थी, उन्होंने आकाश की दोस्ती के लिए अंकुर के खून से हाथ रंग लिए।
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विश्वास की हुई हत्या
पुलिस का कहना है कि अंकुर व अन्य तीनों युवक पक्के दोस्त थे। सभी एक दूसरे पर विश्वास करते थे, इसलिए अंकुर भी तीनों के साथ चला गया था। उसे नहीं पता था कि उसके दोस्त उसकी हत्या भी कर सकते है।
मुकदमे है दर्ज
एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि हत्या कांड मे मुख्य आरोपी आकाश अभी फरार है। गिरफ्तार आरोपी हिमांशु पर मुठभेड़ सहित नौ मुकदमे बताए जा रहे है। दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास का पता किया जा रहा है।
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बागपत में सरकारी एंबुलेंस पर संविदा चालक की नौकरी करने वाला 26 वर्षीय अंकुर किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। वह बागपत से अपने घर आता जाता रहता था। बीते बुधवार को भी वह बागपत जाने की बात कहकर घर से चला था, लेकिन वह बागपत नहीं पहुंचा। यदि पुलिस की माने तो वह शराब पीने का शौक रखता था। बुधवार को वह बागपत न जाकर अपने दोस्तों आकाश, हिमांशु व अश्वनी के साथ शराब पीने के चक्कर में लग गया। चारों को लोगों ने उस दिन एक साथ घूमते देखा भी था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर आई काल ने उसकी जिंदगी को मौत के रास्ते की ओर मोड़ दिया।
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उसके दोस्त आकाश ने मोबाइल पर काल करने वाली अपनी बहन की आवाज और उसका नंबर पहचान लिया, बस इसके बाद ही आकाश ने अंकुर की हत्या की पटकथा तैयार कर ली थी। उसने अपने साथ मौजूद दोनों दोस्तों हिमांशु व अश्वनी को दोस्ती की लाज का वास्ता देकर अंकुर की हत्या के लिए तैयार कर लिया। इसके बाद योजनाबद्घ तरीके से शराब व नशीला पदार्थ खरीदा गया। जिसे अकुंर की शराब में डाला गया। नशे में होने के बाद अंकुर के हाथ पैर बांधे गए। सिर में ईंट से चोट मारी गई। मौत होने पर शव को जलाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि हिमांशु व अश्वनी की अंकुर से कोई दुश्मनी नहीं थी, उन्होंने आकाश की दोस्ती के लिए अंकुर के खून से हाथ रंग लिए।
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विश्वास की हुई हत्या
पुलिस का कहना है कि अंकुर व अन्य तीनों युवक पक्के दोस्त थे। सभी एक दूसरे पर विश्वास करते थे, इसलिए अंकुर भी तीनों के साथ चला गया था। उसे नहीं पता था कि उसके दोस्त उसकी हत्या भी कर सकते है।
मुकदमे है दर्ज
एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि हत्या कांड मे मुख्य आरोपी आकाश अभी फरार है। गिरफ्तार आरोपी हिमांशु पर मुठभेड़ सहित नौ मुकदमे बताए जा रहे है। दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास का पता किया जा रहा है।