{"_id":"58ee73044f1c1b6137cf7dd8","slug":"hukum-singh-and-suresh-rana-get-relief-from-the-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुकुम सिंह और सुरेश राणा को कोर्ट से राहत, न्यायालय ने 188 का मुकदमा खारिज किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुकुम सिंह और सुरेश राणा को कोर्ट से राहत, न्यायालय ने 188 का मुकदमा खारिज किया
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : Pintrest
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना सांसद हुकुम सिंह और प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री सुरेश राणा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने उनके खिलाफ दर्ज 188 के मुकदमे को खारिज कर दिया है। चार साल पहले पुलिस की ओर से शामली कोतवाली में यह मुकदमा दर्ज किया गया था। उस समय यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था।
शामली में वर्ष 2013 को एक युवती के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। आरोपी संप्रदाय विशेष के होने के कारण काफी धरने-प्रदर्शन हुए थे। इसी मामले को लेकर भाजपाइयों ने शामली के सुभाष चौक पर पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया था,
तब तत्कालीन एसपी अब्दुल हमीद के निर्देश पर 17 जून 2013 को तत्कालीन शामली कोतवाल आरएन यादव की ओर से शामली कोतवाली पर कैराना के तत्कालीन विधायक हुकुम सिंह, थानाभवन विधायक सुरेश राणा, शामली चेयरमैन अरविंद सिंघल समेत करीब ढाई सौ लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन में 188 का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
पुलिस ने 8 अगस्त 2013 में इन सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। आठ अक्तूबर 2013 को एसीजेएम कैराना कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लिया था, जिसके विरोध में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ओपी कौशिक की ओर से जिला जज के यहां रिवीजन दायर करते हुए कहा गया था कि धारा 188 में चार्जशीट दाखिल नहीं हो सकती, जिसकी सुनवाई करते हुए 26 अगस्त 2014 को एडीजे-16 की कोर्ट ने रिवीजन को स्वीकार कर लिया था।
इसके बाद एसडीएम शामली की ओर से 12 दिसंबर 2014 को एसडीएम कैराना की कोर्ट में उक्त सभी के खिलाफ परिवाद दाखिल कर दिया। जिस कारण एसीजेएम कैराना कोर्ट ने 18 नवंबर 2015 को उक्त सभी को कोर्ट में तलब कर लिया था।
इसके विरोध में बचाव पक्ष की ओर से जिला जज के यहां फिर से रिवीजन दाखिल किया गया। कोर्ट ने फ्रेश आदेश पारित करने के आदेश दिए थे। मामला फिर से एसीजेएम कैराना कोर्ट में पहुंचा और कोर्ट ने सभी आरोपियों को सीआरपीसी की धारा 470-1 के तहत फिर तलब कर लिया था,
जिसके विरोध में बचाव पक्ष ने तीसरी बार जिला जज की कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया था। इसकी सुनवाई बुधवार को एडीजे-द्वितीय गौरव श्रीवास्तव की कोर्ट में हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ओपी कौशिक ने बताया कि कोर्ट ने उनकी रिवीजन को स्वीकार करते हुए उक्त मुकदमे को खारिज कर दिया है, जिससे सांसद हुकुम सिंह, राज्यमंत्री सुरेश राणा, चेयरमैन शामली अरविंद सिंघल आदि को बड़ी राहत मिली है।
विज्ञापन
शामली में वर्ष 2013 को एक युवती के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। आरोपी संप्रदाय विशेष के होने के कारण काफी धरने-प्रदर्शन हुए थे। इसी मामले को लेकर भाजपाइयों ने शामली के सुभाष चौक पर पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया था,
विज्ञापन
तब तत्कालीन एसपी अब्दुल हमीद के निर्देश पर 17 जून 2013 को तत्कालीन शामली कोतवाल आरएन यादव की ओर से शामली कोतवाली पर कैराना के तत्कालीन विधायक हुकुम सिंह, थानाभवन विधायक सुरेश राणा, शामली चेयरमैन अरविंद सिंघल समेत करीब ढाई सौ लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन में 188 का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
पुलिस ने 8 अगस्त 2013 में इन सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। आठ अक्तूबर 2013 को एसीजेएम कैराना कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लिया था, जिसके विरोध में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ओपी कौशिक की ओर से जिला जज के यहां रिवीजन दायर करते हुए कहा गया था कि धारा 188 में चार्जशीट दाखिल नहीं हो सकती, जिसकी सुनवाई करते हुए 26 अगस्त 2014 को एडीजे-16 की कोर्ट ने रिवीजन को स्वीकार कर लिया था।
इसके बाद एसडीएम शामली की ओर से 12 दिसंबर 2014 को एसडीएम कैराना की कोर्ट में उक्त सभी के खिलाफ परिवाद दाखिल कर दिया। जिस कारण एसीजेएम कैराना कोर्ट ने 18 नवंबर 2015 को उक्त सभी को कोर्ट में तलब कर लिया था।
इसके विरोध में बचाव पक्ष की ओर से जिला जज के यहां फिर से रिवीजन दाखिल किया गया। कोर्ट ने फ्रेश आदेश पारित करने के आदेश दिए थे। मामला फिर से एसीजेएम कैराना कोर्ट में पहुंचा और कोर्ट ने सभी आरोपियों को सीआरपीसी की धारा 470-1 के तहत फिर तलब कर लिया था,
जिसके विरोध में बचाव पक्ष ने तीसरी बार जिला जज की कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया था। इसकी सुनवाई बुधवार को एडीजे-द्वितीय गौरव श्रीवास्तव की कोर्ट में हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ओपी कौशिक ने बताया कि कोर्ट ने उनकी रिवीजन को स्वीकार करते हुए उक्त मुकदमे को खारिज कर दिया है, जिससे सांसद हुकुम सिंह, राज्यमंत्री सुरेश राणा, चेयरमैन शामली अरविंद सिंघल आदि को बड़ी राहत मिली है।