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पात्रता के बाद भी नहीं मिला आशियाना
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खतौली के गांव कैलावड़ा में पात्र होने के बाद भी कच्चे मकान में रहते गरीब परिवार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर, खतौली। कैलावड़ा कला गांव में दो परिवार पात्रता के बाद भी झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ इन परिवारों को नहीं मिल पाया है।
गांव की सुनीता बताती हैं कि उसका पति सोमपाल बीमार रहता है। जिनके एक ही पुत्र है। उसकी आयु करीब 13 वर्ष है। सरकारी खाद्यान्न से परिवार का भरण पोषण हो रहा है। ग्रामीणों ने मदद कर सिर ढकने के लिए सीमेंट की चादर की व्यवस्था कराई। जिसके नीचे सुनीता अपने पति सोमपाल और पुत्र के साथ दिन गुजार रही है।
ऐसी ही पीड़ा सुमन की भी है बारिश में इनका कच्चा मकान गिर गया था। सुमन परिवार के साथ झोपड़ी में रहकर जीवन गुजार रही है। उसका पति राजवीर मजदूरी करता है, वह पत्नी और तीन बच्चों का भरण पोषण कर रहा है। परिवार पात्रता की सूची में है। जिनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में भेजा गया है। इसके बाद भी उनको सरकार से आशियाना उपलब्ध नहीं हुआ है, जबकि ऐसे कई लोगों को आवास का लाभ मिला जिनको अधिक जरूरत नहीं थी।
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क्या कहते हैं अधिकारी
तहसील खतौली के एसडीएम जीत सिंह राय का कहना है कि दोनों परिवारों की बीडीआें को भेजकर जांच कराई जाएगी। पात्रता की सूची में यदि परिवार शामिल है, तो उनके आवास बनवाए जाएंगे और योजनाओं का लाभ उनको दिलाया जाएगा
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गांव की सुनीता बताती हैं कि उसका पति सोमपाल बीमार रहता है। जिनके एक ही पुत्र है। उसकी आयु करीब 13 वर्ष है। सरकारी खाद्यान्न से परिवार का भरण पोषण हो रहा है। ग्रामीणों ने मदद कर सिर ढकने के लिए सीमेंट की चादर की व्यवस्था कराई। जिसके नीचे सुनीता अपने पति सोमपाल और पुत्र के साथ दिन गुजार रही है।
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ऐसी ही पीड़ा सुमन की भी है बारिश में इनका कच्चा मकान गिर गया था। सुमन परिवार के साथ झोपड़ी में रहकर जीवन गुजार रही है। उसका पति राजवीर मजदूरी करता है, वह पत्नी और तीन बच्चों का भरण पोषण कर रहा है। परिवार पात्रता की सूची में है। जिनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में भेजा गया है। इसके बाद भी उनको सरकार से आशियाना उपलब्ध नहीं हुआ है, जबकि ऐसे कई लोगों को आवास का लाभ मिला जिनको अधिक जरूरत नहीं थी।
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क्या कहते हैं अधिकारी
तहसील खतौली के एसडीएम जीत सिंह राय का कहना है कि दोनों परिवारों की बीडीआें को भेजकर जांच कराई जाएगी। पात्रता की सूची में यदि परिवार शामिल है, तो उनके आवास बनवाए जाएंगे और योजनाओं का लाभ उनको दिलाया जाएगा