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विद्यार्थी अच्छे नागरिक बन कर देश निर्माण में योगदान दें
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मंसूरपुर क्षेत्र के होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज जड़ौदा में संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आय?
- फोटो : KHATAULI
अच्छे नागरिक बनकर देश निर्माण में योगदान दें
मंसूरपुर। होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज जड़ौदा में संस्कृति विश्वविद्यालय मथुरा के बैनरतले इमर्जिंग ट्रेंड्स ऑफ टीचिंग विषय पर कार्यशाला में जनपद के कई कॉलेजों के शिक्षकों ने वर्तमान दौर में शिक्षा के उभरते तरीकों को लेकर गंभीरता से मंथन किया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देकर देश की भावना जागृत करने की जरूरत है। इस अवसर पर जनपद के शिक्षकों को प्रतीक चिह्न व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राणा सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र सिंह, अमित अग्रवाल, प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया, काउंसलर समृद्धि त्यागी, शिक्षाविद अनिल शास्त्री ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र सिंह ने कहा कि अध्यापक विद्यार्थियों को सफलता के मुकाम पर पहुंचाने के लिए बेहतर शिक्षा दें। शिक्षा ऐसी हो कि उसके व्यक्तित्व का विकास भी हो सके। वक्ताओं ने अध्यापकों से कर्तव्य निष्ठा एवं कर्तव्यों का पालन करते हुए शिक्षण पद्धतियों में निरंतर हो रहे बदलाव को ध्यान में रखते हुए शिक्षा देने का आह्वान किया। विद्यार्थियों की अभिरुचि के लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा दी जानी चाहिए। माता-पिता अपनी इच्छा अपने बच्चों पर न थोपें। नई तकनीक को स्वीकार कर शिक्षण कार्य करें। अच्छी शिक्षा से ही विद्यार्थी अच्छे नागरिक बनकर देश को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। कार्यशाला में विजय सक्सेना, मोहित शर्मा, निखिल, एफिलिएटड स्कूल के प्रदेश अध्यक्ष एससी त्यागी, जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, मान्यता प्राप्त विद्यालय के जिलाध्यक्ष राधेश्याम सिंघल ओपी चौहान आदि ने विचार रखे।
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मंसूरपुर। होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज जड़ौदा में संस्कृति विश्वविद्यालय मथुरा के बैनरतले इमर्जिंग ट्रेंड्स ऑफ टीचिंग विषय पर कार्यशाला में जनपद के कई कॉलेजों के शिक्षकों ने वर्तमान दौर में शिक्षा के उभरते तरीकों को लेकर गंभीरता से मंथन किया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देकर देश की भावना जागृत करने की जरूरत है। इस अवसर पर जनपद के शिक्षकों को प्रतीक चिह्न व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राणा सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र सिंह, अमित अग्रवाल, प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया, काउंसलर समृद्धि त्यागी, शिक्षाविद अनिल शास्त्री ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र सिंह ने कहा कि अध्यापक विद्यार्थियों को सफलता के मुकाम पर पहुंचाने के लिए बेहतर शिक्षा दें। शिक्षा ऐसी हो कि उसके व्यक्तित्व का विकास भी हो सके। वक्ताओं ने अध्यापकों से कर्तव्य निष्ठा एवं कर्तव्यों का पालन करते हुए शिक्षण पद्धतियों में निरंतर हो रहे बदलाव को ध्यान में रखते हुए शिक्षा देने का आह्वान किया। विद्यार्थियों की अभिरुचि के लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा दी जानी चाहिए। माता-पिता अपनी इच्छा अपने बच्चों पर न थोपें। नई तकनीक को स्वीकार कर शिक्षण कार्य करें। अच्छी शिक्षा से ही विद्यार्थी अच्छे नागरिक बनकर देश को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। कार्यशाला में विजय सक्सेना, मोहित शर्मा, निखिल, एफिलिएटड स्कूल के प्रदेश अध्यक्ष एससी त्यागी, जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, मान्यता प्राप्त विद्यालय के जिलाध्यक्ष राधेश्याम सिंघल ओपी चौहान आदि ने विचार रखे।
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